|
मुंबई.
नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल द्वारा हवाई किराया घटाने के आह्वान के बाद घरेलू विमानन कंपनियां उड़ाने सस्ती करने को मजबूर हो सकती हैं। जानकारों के अनुसार सरकारी स्वामित्व वाली एयर इंडिया सहित कई अन्य एयरलाइंस दिसंबर मध्य में किराया घटाने की घोषणा कर सकती हैं।
सूत्रों का कहना है कि एयर इंडिया चलाने वाली नैशनल एविएशन कंपनी ऑफ इंडिया (एनएसीआईएल) इस प्रक्रिया की शुरुआत १क् से १२ फीसदी ईंधन सरचार्ज घटाकर कर सकती है। यह कटौती पहले घरेलू मैट्रो रूट पर लागू करने की योजना है। जनवरी से इसे देशभर में लागू किया जाएगा।
एयरलाइंस ने क्रूड की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के मद्देनजर किराए में फ्यूल सरचार्ज शामिल किया था। यह टिकट के कुल मूल्य का ४५ से ६क् फीसदी होता है। इसी वर्ष जुलाई में क्रूड की कीमतें १४७ डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थीं, जिससे एयरलाइंस के लिए कारोबार करना दुश्वार हो गया था।
इसके अलावा यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट से भी कंपनियां परेशान हैं। कंपनियों ने इस वर्ष अब तक किराए में करीब पांच गुना वृद्धि की है। अब जबकि क्रूड की अंतरराष्ट्रीय कीमतें ५क् डॉलर के आसपास हैं, इन पर किराया घटाने का दबाव बढ़ गया है।
अनुमानित घाटा :
कंपनी वर्ष 2008
इंडियन एयरलाइंस 9000
जेट-किंगफिशर 5,000
(नोट : यह राशि करोड़ रुपए में है।)
‘हम हवाई किराया घटाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस समय यह बताना मुश्किल है कि कितनी कटौती की जाएगी।’
-वरिष्ठ अधिकारी, एयर इंडिया
अब तक किए गए उपाय :
- सरकार के कहने पर तेल कंपनियों ने एयरलाइंस की ऋण अदायगी की अवधि में वृद्धि की। करीब ३,क्क्क् करोड़ रुपए का कर्ज मार्च २क्क्९ तक चुकाने की छूट दी। - एटीएफ पर पांच फीसदी सीमा शुल्क समाप्त किया।
- एटीएफ सस्ता किया।