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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. मड़ीखेड़ा (अटल सागर) बांध के विस्थापितों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्हें सरकार द्वारा दिए जाने वाले करीब 42 करोड़ रुपए मुआवजे में से महज 13 करोड़ रुपए ही दिए गए।
इसलिए उन्हें अपने जीवन-यापन करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से अमोला गांव समेत आसपास के नौ गांवों के विस्थापितों ने मुआवजे में हुई इस होराफेरी के चलते विरोध स्वरूप विधानसभा चुनाव में मतदान न करने का फैसला लिया है। इसके लिए अमोला गांव के लोगों ने करैरा के एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा है।
अमोला गांव के करीब सभी एक हजार विस्थापितों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों समेत भू-अर्जन विभाग से जुड़े अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्हें प्रदेश शासन द्वारा बनाई गई विस्थापन नीति के हिसाब से न तो मुआवजा दिया और न ही तीन साल का उनकी संपत्ति का ब्याज । गांव के विस्थापितों का तो यहां तक कहना है कि उन्हें दिए जाने वाले करीब 42 करोड़ रुपए में से उन तक केवल 13 करोड़ रुपए ही पहुंच सके हैं । विस्थापितों को उचित मुआवजा न मिलने से वह परेशान हैं और नौ गांव के लोगों कहना है कि 27 नवंबर को होने वाले विधानसभा के मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अमोला गांव के करीब 12 सौ लोगों को उनका हक दिलाने के लिए प्रयासरत और स्वयं विस्थापित पुरुषोत्तम गिरि (खड़ेश्वरी) ने भास्कर को बताया कि उन्होंने 15 नवंबर को करैरा एसडीएम पुरुषोत्तम गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें लिखा था कि अमोला समेत नौ गांवों के मतदाता वोट नहीं डालेंगे। उनका कहना है कि इस ज्ञापन में गांव के मुख्य 40 लोगों के हस्ताक्षर हैं जो कि मतदान का बहिष्कार करेंगे। एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में अमोला ग्राम पंचायत के मतदाता राजकुमार गुप्ता, रमेश तिवारी, गजेन्द्र सिंह, बृजभान सिंह, मुन्ना डोंगरे, लखन आदिवासी, बैजनाथ आदिवासी, किशन लाल जाटव, कल्ला आदिवासी समेत करीब चार दर्जन लोगों ने हस्ताक्षर किए।
साढ़े चार हजार लोग नहीं करेंगे मतदान
अमोला ग्राम पंचायत के रामपुरा, खरवाय की टपरिया, तालपुरा, भिटाएं की टपरिया समेत मड़ीखेड़ा बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र के अन्य गावों कांटी, करमई, रसोई लोटना आदि गांवों के लोगों ने चेतावनी दी है कि उक्त गांवों से करीब 20 विस्थापितों को आज तक बिल्कुल भी मुआवजा नहीं दिया । इसलिए उक्त गांवों के करीब साढ़े चार हजार मतदाता वोट नहीं डालेंगे।