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जालंधर.एड यानी विज्ञापन हर किसी के दिल के करीब रहते हैं। हर उम्र में कोई न कोई फेवरेट एड तो हर किसी की होती है, जिसे वे हमेशा याद रखते हैं। ऐसी ही कई एड आज भी हमें याद हैं। कई बार प्रोडक्ट का नाम भूल जाएं तो एड के जिंगल्स कहीं न कहीं हमारे जहन में बने रहते हैं और याद करवा ही देते हैं, मगर आजकल विजुअल इम्पैक्ट और आइडिया बेस्ड एड पर ध्यान दिया जाने लगा है।
जिंगल के साथ-साथ कांसेप्ट बेस्ड एड का लाइफ में बेहद इम्पैक्ट दिखने लगा है। अकसर घरों में बच्चे इन एड को चीट करते हुए दिख जाते हैं और घरों में ज्यादातर चीजें भी वही आती हैं, जिनकी फरमाइश बच्चे एड देखकर करते हैं। इस तरह फिल्मों के मैलोडियस गीत बच्चों के माइंड में गूंजते रहते हैं। कुछ इसी तरह का जादू जिंगल एड ने भी चलाया है। सिटी भास्कर ने कुछ ऐसे ही लोगों से बात की जिनके लिए कांसेप्ट बेस्ड जिंगल्स एड खास बन गई और जिनकी वजह से उनकी लाइफ में कुछ इंट्रस्टिंग चेंजिज भी आए।
इन दिनों फेमस एड
>> लाइफ जिंगा लाला : केबल ब्राडकॉस्टिंग से जुड़ी >> जीते रहो : इंश्योरेंस कंपनी >>वाय शुड ब्वॉयज हेव ऑल द फन : व्हीकल से संबंधित >> आइडिया कैन चेंज यूअर लाइफ : मोबाइल कंपनी >> मेरे पापा के पास प्लान है : सेविंग प्लान >> पास आओ : टुथ पेस्ट
एड जो यादों में बसी हैंट >> सोप : तंदुरुस्ती है वहां >> पेंट : जब घर की रौनक बढ़ानी हो >> कोल्ड ड्रिंक : दिल मांगे मोर >> वाशिंग पाउडर : दूध सी सफेदी
>> पापड़ : कुर्रम कुर्रम, मजेदार पापड़, स्वाद-स्वाद में >> चिप्स : बोले मेरे लिप्स.आई लव
हैल्थ का रखा ध्यान
‘मुझे दूध पीना बिलकुल पसंद नहीं था, लेकिन टीवी पर दूध का बहुत अट्रैक्टिव एड, दूध पियो गिलास फुल, दूध में डालो थोड़ी सी आइस, दूध बन गया वैरी नाइस देख कर मैंने दूध पीना शुरू कर दिया। वैसे ऐसे एड से हमारी लाइफ में काफी चेंज भी आ जाते हैं और हमें पता चलता रहता है कि मार्केट में क्या नया आ रहा है। - मानसी, स्टूडैंट
अब भी गूंजते हैं
‘कांसेप्ट बेस्ड जिंगल एड सुनने और देखने दोनों में ही अच्छे लगते हैं। इनमें बच्चे हों तो इनकी वैल्यू और बढ़ जाती है। ऐसे ही कई जिंगल एड मुझे बहुत पसंद हैं। उन्हीं में से एक है नूडल्स की, दो मिनट रुक सकते हैं, सिर के बल कूद सकते हैं। ये एड मेरे माइंड से अभी तक नहीं गईल जब मैं कॉलेज से थकी हुई आती हूं तो मुझे ऐसा लगता है कि नूडल्स खाना सबसे बेस्ट है। - सिंपल, स्टूडैंटजिंगल एड लोगों की पसंद
कांसेप्ट बेस्ड जिंगल एड की धुन आदमी के दिमाग पर ज्यादा चलती है और जिंगल को आराम से गुनगुनाया भी जा सकता है। यह एंटरटेनमेंट के साथ नॉलेज देने वाली भी होती है। इनका मेन मॉटिव प्रोडक्ट का एड करने के साथ ही कस्टमर को वाइजर बनाना होता है। ये एड एंटरटेनमेंट वाली होती हैं। ये लोगों को काफी एन्क्रेज भी करती हैं। इनसे कुछ सीखने को मिलता है, साथ ही लोगों को इनसे प्रेरणा भी मिलती है। कुछ एड मेरे फेवरेट हैं जैसे अभिषेक बच्चन का एड जिसमें गांव के स्टूडैंट्स को पढ़ाई करने की इंस्पिरेशन मिलती है, जिंगल बनाने में काफी क्रिएटीविटी की जरूरत रहती है।
- दिनेश, ओजोन एड