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नई दिल्ली/ गुड़गांव मंदी के दौर में शेयर बाजार और रियल इस्टेट व्यवसाय में 80 लाख रुपए गवां चुके एमबीए के दो छात्रों द्वारा अपने साथियों की मदद से एक बालक का अपहरण कर फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर बालक को मुक्त करा लिया गया है।
ऐसे रचा षड्यंत्र
गुड़गांव के पॉश इलाके डीएलएफ व सुशांत विहार में रहने वाले एमबीए छात्र रोहित चोपड़ा (24) और पीयूष जैन(24) के दोस्त भरत झंब (21) का किसी संपत्ति को लेकर दिल्ली में रहने वाले अपने रिश्तेदार वर्मा परिवार से विवाद चल रहा था। अपनी रंजिश निकालने के मकसद से झंब ने वर्मा परिवार के 15 वर्षीय अर्जुन के अपहरण की योजना बनाई और शेयर बाजार में घाटे की भरपाई का लालच देकर इसके लिए रोहित व पीयूष को भी राजी कर लिया।
आरोपियों ने अपहरण केलिए दिलीप राठौड़ (24), प्रवीण कश्यप (27) और रमेश (30) से सौदा पक्का किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गत 20 नवंबर को स्कूल जाते समय दिल्ली के ओखला से अजरुन को अगवा कर लिया।
फिरौती की मांग
अजरुन के पिता का निधन हो चुका है। लिहाजा आरोपी उसकी मां से लगातार संपर्क कर 80 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। साथ ही वे फिरौती की राशि किसी भी हालत में कम करने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि उन्हें शेयर व्यवसाय में भारी नुकसान हुआ है।
आखिर धरे गए
अजरुन के दोस्त से मिले सुराग और तफ्तीश के बाद पुलिस ने उसे गुड़गांव स्थित एक गोदाम से मुक्त करा लिया। साथ ही जिस गाड़ी में उसका अपहरण किया गया था उसका पता लगाकर पुलिस उसके मालिक तक जा पहुंची और अंत में पूरे प्रकरण में रविवार को छह लोगों को धर दबोचा लिया गया।
यूं पहुंची पुलिस
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन लगातार ट्रेस कर रही थी, जिससे उनकी लोकेशन गुड़गांव सैक्टर 17 में मिल रही थी। इसी बीच फोन पर संस्कृ त के श्लोक भी सुनाई दिए। इस आधार पर पुलिस ने उस क्षेत्र के मंदिरों और स्कूलों पर निगरानी रखी। अंतत: ज्ञान देवी पब्लिक स्कूल के पास खाली पड़े एक गोदाम से अजरुन को मुक्त करा लिया गया।