|
बटाला. बेटे के लिए बहू लाने घर से निकली लीलावती के परिजनों ने सपने में भी नहीं सोचा था, कि बेटे की शादी की खुशी में जिस मां के पैर धरती पर नहीं लग रहे, वही चिता की आग में झुलस जाएगी। रविवार सायं घर से सजकर निकली दूल्हे की मां का सोमवार को कफन में लिपटा शव घर पहुंचा तो सारा परिवार चीत्कार उठा। बेटे की शादी कम उम्र की लड़की से करने के आरोप में पुलिस हिरासत में रखी गई लीलावती ने समय पर इलाज न मिलने के कारण पुलिस चौकी में दम तोड़ दिया था।
अस्पताल में शव के पास विलाप कर रहीं मृतका की बेटियां पूजा व मधु और बेटे पुलिस अधिकारियांे के पैरों पर लोटकर कह रहे कि ‘सब सुछ लेलो पर मां वापिस कर दो।’ पूजा ने मैजिस्ट्रट को दर्ज करवाए बयान में आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मचारी उन्हें छोड़ने के लिए पांच हजार रुपए मांग रहे थे। उन्होंने एक हजार रुपए दे भी दिए, मगर पुलिस को दया नहीं आई।
दुल्हन की मां का इन्कार कम उम्र की दुल्हन बताई जा रही सोनू की मां महिंद्र रानी ने शादी से इन्कार किया। उन्होंने बताया कि शादी नहीं हो रही थी, बल्कि अजय का परिवार लड़की देखने आया था। लड़के की उम्र अधिक लगने के कारण वह इन्कार करने ही वाली थी कि पुलिस आ गई।
महिंदर रानी का बयान शायद दोनो पक्षों को बाल विवाह के दोष में फंसने से बचाने की कवायद भी हो सकता है, क्योंकि पुलिस ने अजय के खिलाफ बाल विवाह निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस सोनू की उम्र 16 वर्ष मान कर चल रही है, जबकि उसका जन्म प्रमाणपत्र या स्कूल सर्टिफिकेट पुलिस हासिल नहीं कर पाई। बताते चलें कि सोनू जब छोटी थी तो उसकी मां मर गई थी। पिता ने दूसरी शादी कर ली तो बुआ महिंद्र रानी ने सोनू को गोद ले लिया।