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हरिके पत्तन.हरिके झील में प्रवासी पक्षियों की कतारें इसकी सुंदरता को चार चांद लगा रही हैं। यह प्रवासी पक्षी यूरोप देशों से प्रवास करके हजारों किलोमीटर का सफर तय करके आते हैं। यूरोप में सर्दी पड़ने के कारण झीलें जम जाती हैं।
यह पक्षी यहां आकर सर्द ऋतु के मेहमान बनते हैं, जो अक्तूबर शुरू होते ही यहां पहुंचना शुरू हो जाते हैं। मार्च महीने में सर्द ऋतु खत्म होते ही पक्षी वापस अपने ठिकानों पर पहुंच जाते हैं। इस समय हरिके झील में बीस हजार के करीब पक्षी पहुंच चुके हैं।
झील में 240 किस्मों के लगभग प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इस वक्त छह हजार सपून बिल्ज और एक हजार साइबेरियन गल्र्ज पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सांवल्ट, पिंटेल, पेंटिड स्टोर्क, ओपन बिल स्टोर्क, वाइट आइबज, ब्लैक आइबज आदि पक्षी झील में अठखेलियां करते देखे जा सकते हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ-साथ इनकी संख्या भी बढ़ती जाएगी।