|
चेन्नई.
ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट और इंग्लैंड से वनडे क्रिकेट सीरीज जीतने से उत्साहित भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत मानते हैं कि भारत टेस्ट और वनडे क्रिकेट में चोटी की टीम बनने की राह पर है।
श्रीकांत ने सोमवार को कहा कि दुनिया की श्रेष्ठ टीमों को हराने के बाद टीम इंडिया का नया चेहरा सामने आया है, जो ज्यादा आत्मविश्वास से भरा है। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि खिलाड़ियों का दृष्टिकोण पूरी तरह बदल गया है और अब वे लगातार आक्रामक और सकारात्मक रहते हैं। उन्होंने कहा कि हम ऐसी टीम बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं, जो वनडे और टेस्ट दोनों स्वरूपों में नंबर एक हो। यही हमारा पहला लक्ष्य है।
दिखने लगी है आक्रामकता : श्रीकांत ने कहा कि भारतीय टीम की आक्रामकता की झलक टेस्ट मैचों में बढ़े हुए रन रेट से दिखती है। अब भारतीय टीम ज्यादा तेजी से रन जुटाती है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर और मोहाली टेस्ट में ऐसे कई मौके आए, जब मेहमान टीम हावी हो रही थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपने जुझारू खेल से इसे अपने पक्ष में कर लिया।
विश्व कप जीतना मुख्य लक्ष्य : 2011 में होने वाला विश्व कप जीतना भारत का मुख्य और अंतिम लक्ष्य है। हालांकि वह अभी बहुत दूर है। इसलिए हम श्रंखला दर श्रंखला अपनी रणनीति और तैयारियों को अमल में ला रहे हैं। श्रीकांत ने कहा कि हालांकि भारत मौजूदा वनडे सीरीज में इंग्लैंड पर 4-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि मेजबान टीम इसे 7-0 से जीतेगी।
मजबूत है बेंच स्ट्रेंथ : श्रीकांत ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं की भरमार है। इसके चलते टीम इंडिया की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत है।
अपनी भूमिकाओं को अंजाम दे रहे खिलाड़ी
श्रीकांत ने कहा कि अब टीम ज्यादा संगठित है। सभी खिलाड़ी अपनी भूमिकाओं को बखूबी अंजाम देते हुए टीम की कामयाबी में सहयोग दे रहे हैं। ओपनर वीरेंद्र सहवाग और गंभीर निरंतर अच्छा खेल रहे हैं। सचिन तेंडुलकर, लक्ष्मण के रहते टेस्ट टीम में भारतीय मध्यक्रम काफी मजबूत है। तो वनडे में युवराज की मौजूदगी विपक्षियों को डराती है। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट के सभी संस्करणों में फिट हैं। इसी प्रकार जहीर खान, हरभजन सिंह, इशांत शर्मा व अन्य गेंदबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।