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अमृतसर. एसजीपीसी प्रधान मक्कड़ ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर झिंडा और अन्य द्वारा गुरुद्वारों की सेवा-संभाल अपने हाथ में लेने पर माहौल खराब हुआ तो इसकी जिम्मेदारी हरियाणा और केंद्र की होगी। सरकार का फर्ज है कि वह ऐसे लोगों को कानून हाथ में लेने से रोके।
सेवा-संभाल का काम उनके हाथों में सौंपने का सवाल ही पैदा नहीं होता। कांग्रेस की कठपुतली बने झिंडा और दीदार सिंह नलवी की अलग कमेटी के गठन की मांग ही जायज नहीं है।
एसजीपीसी को उनके विरोध की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि झिंडा उन्हें हरियाणा में दाखिल होने से नहीं रोक सकते, उन्हें इस संबंध में जो करना है, वे कर लें। एसजीपीसी हरियाणा में समागम भी करेगी और अलग कमेटी का गठन भी नहीं होने देगी।