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नई दिल्ली. हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिशों का अध्ययन कर रही मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने रिपोर्ट का प्रारूप तैयार कर लिया है। अंतिम रपट सरकार को सौंपने से पहले कमेटी इस मामले में एक बार मुख्यमंत्री से चर्चा की इच्छुक है। अगले सप्ताह के अंत तक रपट सरकार को सौंपी जा सकती है।
शीर्ष प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, कमेटी ने कर्मचारी संगठनों से मिले करीब 200 ज्ञापनों पर सुनवाई का काम पूरा कर लिया है और इस समय इन पर फैसले लेने का काम चल रहा है। अधिकांश ज्ञापनों में वेतन विसंगतियों और वेतन निर्धारण से संबंधित मांगें थीं जिन्हें कमेटी ने व्यक्तिगत रूप से सुना और अब उनका निपटान किया जा रहा है।
कमेटी इन ज्ञापनों के निपटारे और अपनी रपट के प्रारूप पर एक बार मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से अनौपचारिक चर्चा करने की कोशिश में है। हुड्डा अभी चुनाव प्रचार के सिलसिले में दूसरे राज्यों में व्यस्त हैं इसलिए कमेटी की उनसे मुलाकात इस सप्ताह के अंत तक होने की उम्मीद है। प्रस्तावित बैठक में वेतन विसंगतियों के अलावा भत्तों के मसले पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि राज्य के तीन लाख 11 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारी छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश के दोनों प्रमुख कर्मचारी संगठनों में इस मामले में हो रही कथित लेट-लतीफी के कारण बेचैनी भी देखी जा रही है। इन संगठनों ने इस महीने के अंत में रोहतक में ही रैली का आयोजन भी कर रखा है जिसमें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की मांग प्रमुखता से उठने वाली है।
उधर, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वित्त मंत्री बीरेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले में सरकार कमेटी की रपट का इंतजार कर रही है और रपट आते ही इसकी सिफारिशों को लागू कर दिया जाएगा।