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जालंधरपंजाब में पर्यावरण को बचाने और कन्या भ्रण हत्या पर रोक लगाने के लिए ‘नन्हीं छांव’ नामक अभियान चला रही हरसिमरत कौर चाहती हैं कि प्रदेश में महंगी शादियों का प्रचलन बंद हो। हरसिमरत कौर, जो अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल की पत्नी और प्रकाश सिंह बादल की पुत्रवधु हैं, ने कहा है कि वह इसके लिए अकाल तख्त के जत्थेदार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान से अपील करेंगी।
हरसिमरत कौर मंगलवार को जालंधर के कन्या महाविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा, वह दहेज प्रथा को भ्रूण हत्या का मुख्य कारण मानती हैं। दहेज के साथ-साथ दिखावे के लिए महंगी शादियों का चलन भ्रूण हत्या का एक कारण होसकता है। इसे रोकने के लिए लोगों को जागरुक करने और सादगीपूर्ण विवाह की प्रथा कायम करने की जरुरत है।
हरसिमरत कौर ने कहा, पर्यावरण को बचाने और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में वह महंगी शादियों पर रोक लगाने का मुद्दा भी शामिल करेंगी। इस बारे में लोगों को जागरुक किया जाएगा।
कई लोग शादी में अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च कर बैठते हैं और फिर कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। हरसिमरत ने बताया कि उनके ‘नन्हीं छांव’ प्रोजेक्ट को लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। लोग अब महसूस करने लगे हैं कि पर्यावरण को बचाकर और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाकर ही पंजाब को बचाया जा सकता है।
राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं
हरसिमरत कौर ने उनके सक्रिय राजनीति में आने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा, वह सांसद बनने की बजाय पंजाब में फैली बुराइयों को दूर करना चाहती हैं। अगर उनका सक्रिय राजनीति में आने का इरादा होता तो यह बहुत पहले हो चुका होता। वह अपने ‘नन्हीं छांव’ प्रोजेक्ट से संतुष्ट हैं। उल्लेखनीय है कि हरसिमरत कौर के लोकसभा चुनाव में बठिंडा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा आजकल जोरों पर है।
अकाली दल में महिलाएं: नो कमेंट
महिला सशक्तीकरण के बारे में खुल कर बोलने वाली हरसिमरत कौर अकाली दल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़े मामले पर वह कुछ नहीं बोलना चाहती।