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लंदन. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने से भारतीय क्रिकेटरों के खेल का स्तर ऊंचा हो गया है, जबकि इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इस लीग में नहीं खेलने का घाटा उठाना पड़ रहा है। अंग्रेज ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने यह बात इंग्लैंड के अखबार से कही।
फ्लिंटॉफ ने कहा कि आईपीएल ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों के खेल के स्तर में अंतर पैदा कर दिया है और मौजूदा वनडे सीरीज में मेहमान टीम के खराब प्रदर्शन का यह बड़ा कारण है। एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने कहा, ‘मेरे ख्याल से आईपीएल में खेलकर भारतीयों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में नई शैली विकसित की है। टी-20 लीग खेलने के बाद उनके शॉट चयन और उसे खेलने के तरीके में काफी बदलाव आया है। जहीर खान और इशांत शर्मा ने अपनी गेंदबाजी में स्लोवर और यार्कर गेंदों का सटीक उपयोग भी यहीं सीखा है।’
सिर्फ पैसे के लिए नहीं :
फ्लिंटॉफ ने स्पष्ट किया कि स्वयं उनके या उनकी टीम के कई अन्य खिलाड़ियों द्वारा आईपीएल में खेलने की इच्छा जताना सिर्फ पैसे के लिए नहीं है, जैसा कि अधिकतर लोग सोचते हैं। उन्होंने कहा कि इस लीग में खेलने से खिलाड़ियों के खेल के स्तर में सुधार होगा। क्योंकि इस लीग में दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ी खेलते हैं।
टेस्ट मैचों के लिए सबक :
फ्लिंटॉफ ने कहा कि उनके साथी खिलाड़ी वनडे मैचों में हार से सबक लेकर टेस्ट मैचों में उतरेंगे। भारत मौजूदा वनडे सीरीज मे इंग्लैंड पर खेल के सभी क्षेत्रों में भारी पड़ा है। उन्होंने कहा कि 7 वनडे मैचों की सीरीज में 0-4 से पिछड़ने के बाद उनकी टीम यह सीरीज तो नहीं जीत सकती। लेकिन टेस्ट सीरीज में मेहमान टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
आईपीएल के दूसरे सत्र में भी खेलना तय नहीं :
इंग्लैंड के खिलाड़ियों का आईपीएल के दूसरे सत्र में भी खेलना तय नहीं है। हालांकि अंग्रेज खिलाड़ियों ने अगले साल के लिए इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से अभी करार नहीं किया है। गौरतलब है कि ईसीबी अपने खिलाड़ियों को आईपीएल के कुछ मैचों में खेलने की अनुमति देने को तैयार है। वहीं, आईपीएल के आयोजक ज्यादातर मैचों में अंग्रेज खिलाड़ियों की मौजूदगी चाहते हैं।ईसीबी और आईपीएल के बीच यह मुद्दा अभी अनसुलझा है।