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हरिके पत्तनसोमवार रात क्षेत्र के विख्यात गोताखोर कुलदीप सिंह टोबा पुत्र दर्शन सिंह निवासी हरिके पत्तन की डूबने से मौत हो गई। टोबा मछली पकड़ कर परिवार पालता था। ज्ञात रहे कि टोबा इलाके में डूबते लोगों की जान बचाने के लिए मशहूर था।
इलाके में जहां भी डूबने का कोई हादसा होता था, तो उसी से मदद ली जाती थी। सोमवार रात उसके लिए मौत का पैगाम लेकर आई और कभी लोगों को डूबने से बचाने वाला टोबा, खुद उसी गहरे पानी का शिकार बन गया। इलाके में टोबा की बहादुरी की मिसालें सुनाते लोगों की जुबान नहीं थकती। अब तो उसे खुद भी याद नहीं था कि वह कितने लोगों की जान बचा चुका था।कुछ समय पहले हरिके पत्तन हैडवर्क्स के नजदीक राजस्थान फीडर में बारात ले जा रही बस गिर गई थी।
उस समय टोबा ने सभी मृतकों के शव गहरे पानी से निकाले थे। -चोहला साहिब के पास गांव धुन्न में कमांडों ट्रेनिंग सैंटर में ट्रेनिंग के दौरान जवान राइफल सहित ब्यास में जा गिरा था। उसने मृतक जवान को राइफल समेत बाहर निकाला था। -7 साल पहले सेना की गाड़ी असले समेत नहर में जा गिरी थी। जवान तो तैरकर बाहर आ गए, लेकिन कुलदीप ने सेना की 12 राइफलों में से 11 नहर के गहरे पानी से निकाल ली थीं। मृतक के पिता दर्शन सिंह ने बताया कि उनके बेटे की बहादुरी के कारनामे प्रदेश में हर जगह चर्चित थे। दुख इस बात का है कि टोबा पूरी जिंदगी गरीबी से जूझता रहा, लेकिन किसी भी सरकार ने उनकी आर्थिक सहायता नहीं की। इलाके के लोगों ने टोबा की मौत पर दुख जताते हुए सरकार से उसके परिवार को आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है।