|
उदयपुर. भाजपा नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को उदयपुर से प्रदेश में चुनावी सभाओं का आगाज किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर कड़े प्रहार किए। साथ ही आतंकवाद और महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस की जमकर खिंचाई की।
आडवाणी टाउनहॉल प्रांगण में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित सभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पांच सालों में राजस्थान में विकास को आधार मानते हुए भाजपा को दुबारा सत्ता में लाने का आह्वान किया। सभा में उन्होंने आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा कि साध्वी प्रज्ञा को मैं नहीं जानता, उसका नाम भी पहले नहीं सुना, लेकिन हाल ही में मैंने प्रज्ञा का हलफनामा पढ़ा, जिसे पढ़कर दुख हुआ। इसके बाद मैंने बयान भी दिया था, जो अब सच साबित हुआ है।
भाजपा नेता ने राज्य में भाजपा को सत्ता में लाने के लिए ‘राजस्थान की आवाज, फिर से वसुंधरा’ और लोकसभा में राजग को सत्ता में लाने के लिए ‘जीतेगा भाजपा, जीतेगा भारत’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता को अगले छह माह में दो बार कर्तव्य (मतदान) का निर्वहन करना है। प्रदेश के चुनावों में मतदाता वसुंधरा सरकार को इनाम दे और केंद्र सरकार को दंडित करें। आडवाणी 28 नवबंर से फिर राजस्थान का दौरा करेंगे।
आतंकवाद पर आडवाणी
क्या कहा- केंद्र आतंकवाद से निपटने में विफल। आतंकवादियों के मामले में दोहरी नीति अपनाने का आरोप।
मायने क्या? कांग्रेस जयपुर-अजमेर ब्लास्ट मामले में प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा करती रही है। ये उसी का जवाब है।
महंगाई का मसला
क्या बोले- देश में पहली बार इतनी महंगाई। कर्ज तले दबे हजारों किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।
अर्थ क्या?- पेट्रोल-डीजल पर वैट कम नहीं करने के कारण प्रदेश भाजपा सरकार की तीखी आलोचना हो रही है।
परिवारवाद पर प्रहार
कांग्रेस सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री भी एक परिवार तय करता है। कांग्रेस मैच खत्म होने के बाद ही कप्तान तय करती है।
इसका जवाब- कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने हाल ही में कहा था कि लोकतंत्र में मुख्यमंत्री पहले तय करना लोकतंत्र का अपमान है।