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जूनियर्स पर बरपा कहर

बिलासपुर. रैगिंग का मामला सामने आने से नाराज सिम्स के सीनियर स्टूडेंट्स ने क्लास रूम में घुसकर जूनियर छात्रों की पिटाई कर दी। घटना में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के पांच छात्रों को घातक चोटें आई हैं। पीड़ित ३६ छात्रों ने पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए इसकी लिखित शिकायत डीन से की है। इधर दहशत के कारण कई विद्यार्थी हास्टल छोड़कर चले गए हैं।

सिम्स में इन दिनों रैगिंग का बोलबाला है। आए दिन सीनियर स्टूडेंट्स की प्रताड़ना से मेडिकल कालेज के जूनियर छात्र तंग हैं। ‘दैनिक भास्कर’ ने 25 नवंबर के अंक में सीनियर स्टूडेंट्स की ‘दादागीरी’ का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें रेगिंग से त्रस्त जूनियर स्टूडेंट्स की स्थिति बताई गई थी।

रेगिंग का खुलासा होने से मेडिकल कालेज के सीनियर स्टूडेंट्स खासे नाराज थे। मंगलवार की सुबह एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की बायोकेमिस्ट्री की क्लास चल रही थी। मेडिकल कालेज के लेक्चरर डा. अमर सिंह ठाकुर सुबह करीब 9:30 बजे जैसे ही लेक्चर खत्म कर क्लास रूम से बाहर निकले, करीब ४क्-५क् सीनियर स्टूडेंट्स क्लास रूम में घुस गए। रैगिंग की बात सार्वजनिक होने से नाराज इन छात्रों ने क्लास रूम में ही छात्रों की हाथ-मुक्के व बेल्ट से जूनियर स्टूडेंट्स की पिटाई कर दी। अचानक हुए हमले से क्लास रूम में हंगामा मच गया।

चीख-पुकार और हो-हंगामे के बावजूद किसी भी प्राध्यापक ने बीच बचाव का प्रयास नहीं किया। सामूहिक पिटाई में क्लास रूम में लगभग सभी विद्यार्थियों को चोटें आई हैं। इनमें कुछ छात्राएं भी शामिल हैं। वहीं एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र मधुसूदन सिंह, दीपक जांगड़े, विकास डहरिया, प्रशांत झा व गंगाराम को घातक चोटें आई हैं। घटना के बाद घायल व पीड़ित जूनियर स्टूडेंट्स एक साथ डीन के कार्यालय में घुस गए। पीड़ित ३६ छात्रों ने मारपीट करने वाले सीनियर स्टूडेंट्स के खिलाफ लिखित में नामजद शिकायत की है। छात्रों ने इस पूरी घटना के लिए एंटी रैगिंग कमेटी को जिम्मेदार ठहराते हुए उचित कार्रवाई करने और कार्रवाई न होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है।

आतंक का माहौल: मारपीट की वारदात के बाद सिम्स परिसर में आतंक का माहौल निर्मित हो गया है। एमबीबीएस के ज्यादातर छात्र रैगिंग के ही भय से ही विभिन्न मोहल्लों में मकान किराए पर लेकर रहते हैं। जो छात्र हास्टल में रह रहे हैं, उन्हांेने दौड़कर अपना सामान बटोरना शुरू कर दिया। वे सामान समेटकर परिसर के बाहर भागने लगे। कई अपने गृह ग्राम चले गए तो कुछ ने किराए के मकान की तलाश शुरू कर दी।

जिला अस्पताल में हुआ मुलाहिजा: सीनियर छात्रों की पिटाई से घायल जूनियर छात्रों ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए सिम्स में मुलाहिजा कराने से इनकार कर दिया। छात्रों की मांग पर उनका मुलाहिजा जिला अस्पताल में कराया गया।

डीन की तबीयत बिगड़ी: घटना के बाद सिम्स में तनावपूर्ण माहौल निर्मित हो गया है। तनाव के कारण डीन की तबीयत बिगड़ गई। बल्ड प्रेशर बढ़ने के कारण डीन कार्यालय में ही डाक्टर बुलवाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और उन्हें दवाई दी गई।

एंटी रैगिंग कमेटी करेगी जांच
मारपीट की घटना के बाद सिम्स के डीन प्रोफेसर बीएल पटेल ने एंटी रैगिंग कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कमेटी के पदाधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी एकत्र कर मामले की जांच करने के लिए कहा है, साथ ही रिपोर्ट बुधवार को दोपहर तक कालेज काउंसिल के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

एंटी रैगिंग कमेटी द्वारा जांच की जाएगी कि पूरी घटना के लिए कौन जिम्मेदार है? शिकायत मिली है कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों ने भी मारपीट की है, तो उन्होंने मारपीट क्यों की? एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र समूह में बायोकेमेस्ट्री की क्लास में क्यों गए? बैठक में एंटी रैगिंग कमेटी के पदाधिकारी डा. अमर सिंह ठाकुर, डा.हेमंत कुमार व डा. श्रीमती पूर्णिमा के बाहर चले जाने के कारण उनके स्थान पर वार्डन डा. देशकर मौजूद थे।

क्या है नियम
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रैगिंग करते पाए जाने पर दोषी छात्र के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाकर उसे कालेज से निष्कासित करने का नियम है। ऐसे मामले में आरोपी छात्र पर गैर जमानती धारा लगाई जाती है। यहां मेडिकल कालेज की स्थापना के बाद से आश्चर्यजनक रूप से अब तक रैगिंग का एक भी ऐसा एक भी मामला नहीं बना है, जिसमें दोषी छात्र को सजा मिली हो। एंटी रैगिंग कमेटी को जांच कर प्रतिवेदन देने का अधिकार है।

क्लास रूम में अपने ही जूनियर स्टूडेंट्स की पिटाई करना शर्मनाक है। एंटी रैगिंग कमेटी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। कमेटी बुधवार को जांच कर कालेज काउंसिल के समक्ष अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। कमेटी की रिपोर्ट केआधार पर दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी, किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। अभी तक तीन नामजद छात्रों के खिलाफ शिकायत मिली है।
—प्रोफेसर बीएल पटेल, डीन सिम्स





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