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International International बैंकाक/नई दिल्ली. थाईलैंड में सरकार विरोधी आंदोलन के चलते हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। पीपुल्स अलायंस फार डेमोक्रेसी (पीएडी) के हजारों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राजधानी बैंकाक के मुख्य एअरपोर्ट को कब्जे में ले लिया। भारत व अन्य देशों से बैंकाक जाने वाली उड़ानें या तो रद्द कर दी गईं या थाईलैंड के अन्य शहरों में उतारी गईं।
उड़ानें निरस्त होने के कारण हजारों यात्री वहां फंस गए हैं। इस बीच, थाइलैंड के सेना प्रमुख जनरल अनुपोंग पाओचिंदा ने प्रदर्शनकारियों का अपरोक्ष रूप से समर्थन करते हुए ताजा अवरोध दूर करने के लिए प्रधानमंत्री से नए चुनाव कराने की मांग की है। प्रधानमंत्री सोमचाई वोंगसवत की ओर फिलहाल इस बारे में कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है। 60 भारतीय यात्री फंसे: बैंकाक स्थित भारतीय दूतावास से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार विरोधी आंदोलन के कारण थाईलैंड में फंसे यात्रियों में 50 भारतीय शामिल हैं।
दूतावास इन यात्रियों से संपर्क में हैं और उन्हें जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों को एक होटल में रुकवाया गया है। आंदोलन के चलते बैंकाक स्थित भारतीय दूतावास परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं। दूतावास बैंकाक के मुख्य एअरपोर्ट से करीब 20 किमी दूर है।
इससे पहले लोहे के रॉड्स और झंडों से लैस प्रदर्शनकारी मंगलवार रात को स्वर्णभूमि एअरपोर्ट पर पहुंचे और कंट्रोल टावर पर नियंत्रण कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने एअरपोर्ट से जुड़े सभी रास्तों को बंद कर दिया था। ये प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री वोंगसावत के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वोंगसावत एशिया पैसेफिक आर्थिक सहयोग (एपेक) सम्मेलन में भाग लेकर बुधवार शाम को ही स्वदेश लौटे हैं। मुख्य एअरपोर्ट पर प्रदर्शनकारियों के नियंत्रण के चलते उनका विमान उत्तरी थाइलैंड स्थित मिल्रिटी बेस में उतारा गया।
एअरपोर्ट के कार्यकारी निदेशक एस. प्रासुतनोन के अनुसार प्रदर्शनकारियों से बातचीत के प्रयास विफल होने के बाद हमें अस्थायी तौर पर एअरपोर्ट बंद करना पड़ा है। इस बीच, एअर एशिया, थाई और मलेशियन एअरलाइंस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने बैंकाक की अपनी सारी फ्लाइट्स निरस्त कर दी हैं। राजधानी पहुंचने वाली दूसरी फ्लाइट्स को डान मुआंग, चिआंग माई और फुकेट जैसे देश के अन्य स्थानों पर रोका गया है। इससे पहले, बुधवार को ही राजधानी में सरकार विरोधियों और समर्थकों के बीच विभिन्न स्थानों पर हुई गोलीबारी में 11 लोग घायल हुए थे।
दो फ्लाइट कोलकाता में उतरीं:
कोलकाता से प्राप्त सूचना के अनुसार बैंकाक जाने वाली दो फ्लाइट्स को बुधवार सुबह नेताजी सुभाषचंद्र बोस इंटरनेशनल एअरपोर्ट पर उतारा गया है। यहां उतरी जेट एअरवेज की मुंबई-बैंकाक फ्लाइट में 62 यात्री और चालक दल के सदस्य हैं, जबकि जेट एअरवेज की दिल्ली-बैंकाक फ्लाइट में 128 यात्री हैं। इसके अलावा थाई एअरवेज डीजी 314, जेट एअरवेज 9 डब्ल्यू66, ड्रंक एअर के बी 120 और मंगलवार रात की जेट एअरवेज टीजी 314 फ्लाइट को निरस्त किया गया है। नई दिल्ली स्थित नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सरकारी और निजी एअरलाइंस को फिलहाल बैंकाक उड़ान नहीं भरने की सलाह दी गई है।
बाहर निकालना चाहते हैं पर्यटक थाईलैंड में राजनीतिक अस्थिरता के मद्देनजर पर्यटक जल्दी से जल्दी देश से बाहर निकलना चाहते हैं। एअरपोर्ट बंद होने से इन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक खाली स्थान को ठिकाना बनाए डच पर्यटक जॉन क्रुशाक ने कहा ‘हम बेहद परेशान हैं। मैं जल्द से जल्द घर लौटना चाहता हूं। यहां ज्यादा देर नहीं रुका जा सकता।’ स्वीडन के क्रिस्टोफर पर्सोन के अनुसार ‘एअरलाइंस की ओर से हमें कोई सूचना नहीं मिल रही हैं। मैं ठीक से सो भी नहीं सका हूं। मुझे समझ में नहीं आ रहा हैं, क्या करूं।’ ऑस्ट्रेलिया न जाएं: इस बीच, कैनबरा से प्राप्त समाचार के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए अपने नागरिकों को फिलहाल थाईलैंड न जाने की सलाह दी है।
थाइलैंड में समस्या का कारण
थाईलैंड में पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी (पीएडी)ने पिछले चार माह से सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा है। पीएडी का मानना है कि मौजूदा प्रधानमंत्री सोमचाई बेदखल प्रधानमंत्री ताकसिन शिनावात्रा के ‘मोहरे’ के रूप में काम कर रहे हैं। सोमचाई की ताकसिन से करीबी रिश्तेदारी है। प्रधानमंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले के आरोपी ताकसिन जमानत मिलने के बाद से देश के बाहर रह रहे हैं। वर्ष 2006 में सेना ने उनका तख्ता पलट किया था।
अलग-अलग समर्थक: थाइलैंड के सरकार विरोधी आंदोलन को शहरी इलाकों के मध्य और उच्च वर्ग का भारी समर्थन हासिल है, जबकि ग्रामीण इलाकों और शहरी क्षेत्र के गरीबों में ताकसिन के समर्थकों की संख्या काफी है।
थाइलैंड में समस्या का कारण थाईलैंड में पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी (पीएडी)ने पिछले चार माह से सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा है। पीएडी का मानना है कि मौजूदा प्रधानमंत्री सोमचाई बेदखल प्रधानमंत्री ताकसिन शिनावात्रा के ‘मोहरे’ के रूप में काम कर रहे हैं। सोमचाई की ताकसिन से करीबी रिश्तेदारी है। प्रधानमंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले के आरोपी ताकसिन जमानत मिलने के बाद से देश के बाहर रह रहे हैं। वर्ष 2006 में सेना ने उनका तख्ता पलट किया था।
अलग-अलग समर्थक: थाइलैंड के सरकार विरोधी आंदोलन को शहरी इलाकों के मध्य और उच्च वर्ग का भारी समर्थन हासिल है, जबकि ग्रामीण इलाकों और शहरी क्षेत्र के गरीबों में ताकसिन के समर्थकों की संख्या काफी है।