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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. राजद्रोह मुकदमे के सातवें दौर का ट्रायल बुधवार को एकादश अपर सत्र न्यायाधीश बीएस सलूजा की कोर्ट में शुरू हुआ। डा. विनायक सेन, नारायण सान्याल व पीयूष गुहा को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 12 बजे कोर्ट में लाया गया। आज दो सत्रों में एकमात्र गवाह की गवाही हुई। सरकारी वकील टीसी पंड्या ने बताया कि पुलिस हेडक्वार्टर में पदस्थ हैंडराइटिंग एक्सपर्ट एन के सिक्केवाल ने गवाही के दौरान बताया कि पीयूष गुहा से प्राप्त खत को नारायण सान्याल की हैंडराइटिंग के नमूने से मिलान किया गया। दोनों ही लिखावट समान है।
सरकारी वकील ने बताया कि नारायण सान्याल व डा. विनायक सेन के लिए पियुष डाकिए का काम करता था। डा. सेन के लिखे खतों को वो सान्याल तक पहुंचाता था और सान्याल के खतों को डा. सेन तक। गिरफ्तारी के दिन भी पीयूष गुहा के पास से अनेक खत मिले थे। इन्हीं खतों का मिलान हैंडराइटिंग एक्सपर्ट ने किया। साथ ही ऐसे अनेक खतों की भी रिपोर्ट हेंड राइटिंग एक्सपर्ट ने दी जो डा. सेन के घर से मिले थे। डा. सेन के घर से मिले अनेक खतों में भी सान्याल की राइटिंग मिलने की बात कही गई है।
उल्लेखनीय है कि इस केस में 84 गवाहों की गवाही होनी है। गुरूवार को पांच गवाहों की गवाही होगी। इसमें बिलासपुर जेल के अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़, अमित किंगर, मदन सोनी और पश्चिम बंगाल के पुरूलिया के एक थाने के इंस्पेक्टर दिलीप डे और आंध्रप्रदेश के भद्राचलम के सर्किल इंस्पेक्टर बी अशोक कुमार की गवाही होगी। इसमें पुरूलिया के इंस्पेक्टर डे व भद्राचलम के सर्किल इंस्पेक्टर अशोक कुमार की गवाही को केस में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीयुष गुहा की एक एफआईआर पुरूलिया के थाने में दर्ज है वह इस केस की गवाही के दौरान महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नारायण सान्याल कुछ साल पहले आंध्रप्रदेश के भद्राचलम में गिरफ्तार हुए थे, सर्किल इंस्पेक्टर सान्याल से प्राप्त जानकारियां इस केस में नया मोड़ ला सकती हैं। प्रकरण का ट्रायल शुक्रवार तक चलेगा।