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इंदौर. मतदान में संयुक्त परिवार भी पीछे नहीं रहे। कुछ परिवार के ज्यादातर सदस्य साथ में वोट डालने पहुंचे। पत्रकार कॉलोनी के नानेरिया परिवार की पांच पीढ़ियां एक साथ वोट डालने पहुंची तो गोहर परिवार की चार पीढ़ी के सदस्य बग्घी पर सवार होकर वोट देने गए। राजमोहल्ला के भैया परिवार की महिलाएं ग्रीन ड्रेसकोड में तो इमली बाजार के अग्रवाल परिवार के पुरुष सदस्य सफेद शर्ट पहनकर गए।
पत्रकार कॉलोनी के नानेरिया परिवार के 24 लोग एक साथ वोटिंग के लिए गए। जब पूरी फैमिली एक साथ वोट डालने निकली तो ऐसा लगा जैसे कोई रैली निकल रही हो। इनमें परिवार की वरिष्ठ 98 वर्षीय सोनी बाई के साथ उनके बेटे-बहू, पोते-पोतियां, परपोते-परपोतियां भी थीं।
तीन पीढ़ियां एक साथ पहुंचीं
राजमोहल्ला के भैया परिवार के 51 में से 32 सदस्यों ने वोट दिया। केतनदास भैया बताते हैं हम सभी शहर का विकास चाहते हैं। यह तभी हो सकता है जब सही व्यक्ति चुना जाए। हम सभी ने वोट डाला और आसपास के लोगों से भी वोट देने का आग्रह किया। वीणा बताती हैं हमने रात में ही सारी प्लानिंग कर ली थी। खाना जल्दी बना लिया था। सभी महिलाओं ने हरे रंग की साड़ी पहन रखी थी इसलिए वोटिंग की लाइन में अलग से नजर आ रही थीं। पलक व वैभव ने पहली बार वोट डाला है जिससे वे बहुत खुश हैं।
एक साथ पहुंचे 19 सदस्य
इमली बाजार की अग्रवाल फैमिली मतदान को लेकर काफी उत्साहित थी। परिवार के 19 सदस्यों ने एक साथ वोट देकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। आतिश अग्रवाल बताते हैं घर में कई दिनों से बहस चल रही थी कि क्या वोट डालना चाहिए। नेताओं के बारे में जो कुछ सुनते हैं उससे मन ही नहीं था कि वोट डालें। हालांकि फैसला यही हुआ कि वोट तो डालेंगे ही। सुबह 7 बजे ही मतदान के लिए तैयार हो गए थे।
जुलूस की तरह पहुंचे वोट डालने
परदेसीपुरा की गोहर फैमिली के 52 में से 39 सदस्यों ने वोट डाले। वोट डालने का इनका अंदाज बड़ा निराला था। परिवार के सबसे बड़े गोपीकृष्ण गोहर की इच्छा थी कि अगले चुनाव में मैं रहूं या न रहूं, इसलिए इस बार शान से वोट डालने जाऊं। वे साफा बांधकर, फूल मालाएं पहनकर बग्घी में बैठकर पोलिंग बूथ तक गए। पूरा परिवार उनके साथ था। 4 पीढ़ी साथ में वोट डालने गई।