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कन्नौद (देवास). समस्याओं से जूझ रहे खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के गोलपुरा के लोगों ने गुरुवार को मतदान न कर अपना रोष जताया। गांव के एक व्यक्ति ने भी वोट नहीं डाला।
सतवास से १५ किमी दूर ग्राम पंचायत दुदवास के गोलपुरा गांव की आबादी ५क्क्-६क्क् है। यहां २४६ मतदाता हैं। इसमें से १२९ महिलाएं व ११७ पुरुष हैं। ट्रांसफार्मर जलने की समस्या, गरीबी रेखा के कूपन नहीं मिलने, केरोसिन की कालाबाजारी, 2007 का तेंदूपत्ता का बोनस नहीं मिलने, पिछले साल बाढ़ से प्रभावित लोगों को मुआवजा नहीं मिलने, सुविधाघर के रुपए लेने के बाद भी काम नहीं होने, अस्पताल में आठ-दस साल से स्टाफ की कमी दूर करने को लेकर गांववालों ने वोट नहीं डाले।
गांव के शंकर रंजीतसिंह, मोतीलाल बाबूलाल प्रजापति, रेवाराम अमरा जाट, गोपाल बालाजी जाट, नाथूसिंह चमनसिंह दरबार, पवन प्रहलादसिंह, भूतपूर्व सैनिक रामभरोस बलराम मुकाती ने बताया समस्याओं के निराकरण के लिए जनप्रतिनिधियों से कई बार कहा लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
पांच साल के अंदर स्कूल में अतिरिक्त कक्ष व अस्पताल भवन ही बना है। अस्पताल भवन में अभी भी ताला लगा है। इससे पूर्व जहां भवन था वहां भी स्टाफ नहीं था। मतदान के बहिष्कार की जानकारी मिलने पर भाजपा प्रत्याशी ब्रजमोहन धूत, कांग्रेस व बसपा के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे व ग्रामीणों से वोट डालने का निवेदन किया। इस पर भी गांव वाले मतदान के लिए राजी नहीं हुए। खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निग अधिकारी पी.एल. बकावले ने बताया बिजली समस्या से निजात व अस्पताल में स्टाफ की मांग करते हुए ग्रामीणों ने वोट नहीं डाले।