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मुंबई.देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई शहर में हुए आतंकी हमलों ने दुनियाभर के निवेशकों में डर व शंका का माहौल पैदा कर दिया है। घरेलू बाजार में अंतरराष्ट्रीय निवेश पहले से ज्यादा जोखिम भरा हो गया है। इसी कारण वीरवार को विदेशी बाजार में भारतीय स्टॉक के वायदा कारोबार में गिरावट देखी गई। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से बंद किए गए शेयर व कमोडिटी बाजार से देश को करोड़ों रुपए की कर हानि सहनी पड़ी। वहीं, तमाम आईटी कंपनियों को मुंबई स्थित अपने कार्यालयों पर ताला डालना पड़ा।
विदेशी बाजार में घरेलू स्टॉक को झटका : स्टॉक :
सिंगापुर बाजार में वीरवार को कारोबार की शुरुआत में भारतीय स्टॉक्स के वायदा में २.५ फीसदी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी कांट्रेक्ट ६९.५ घटकर २,६८क् अंक पर पहुंच गया।
रुपया :
विदेशी बाजारों में रुपए के वायदा सौदों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। एक माह के अंदर इसमें १.६ फीसदी गिरावट की आशंका है।
अरबों रुपए का कामकाज प्रभावित:
शेयर बाजार : बांबे स्टॉक एक्सचेंज व नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की बंदी के कारण औसतन बारह हजार करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ।
कमोडिटी व अन्य बाजार :
कमोडिटी, सरकारी प्रतिभूतियों, विदेश विनिमय व मुद्रा बाजार बंद रहे। यहां भी अरबों रुपए के कारोबार पर असर पड़ा।
खुदरा बाजार :
फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एफआरटीडब्ल्यूए)के सचिव वीरेन शाह के मुताबिक मुंबई के खुदरा कारोबारियों को करीब ५क्क् करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।
विदेशी निवेशकों का जोखिम बढ़ा :
देश के सबसे बड़े कर्जप्रदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के जोखिम प्रीमियम में वृद्धि दर्ज की गई। एसबीआई के पांच वर्षीय बांडों का क्रेडिट डिफॉल्ट फीसदी क्.२क् फीसदी बढ़कर ४.४क् फीसदी हो गया। तमाम विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए इंश्योरेंस कंपनियों को ज्यादा प्रीमियम भरना पड़ सकता है।
आत्मविश्वास को धक्का :
-वित्तीय संकट के चलते भारी उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे शेयर बाजारों से संबद्ध कंपनियों व निवेशकों के आत्मविश्वास में कमी आएगी।
>> देशभर के उद्योगों व कारोबारियों के हित मुंबई से जुड़े होने के कारण उनमें डर व भय का माहौल गहराएगा। >> विदेशी कंपनियां अपने मुंबई स्थित कार्यालय बंद कर सकती हैं।
एफआईआई निकाल सकते हैं धन :
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई में हुए आतंकी हमलों के बाद विदेशी निवेशक और तेजी से बिकवाली कर सकते हैं। इससे घरेलू बाजार से बड़ी मात्रा में धन बाहर जा सकता है। वित्तीय संकट के चलते वे पहले ही करीब 1.03लाख करोड़ रुपया देश से बाहर निकाल चुके हैं।
क्या हो सकता है असर?
>> देश में विदेशी निवेश घट सकता है। >> शेयर बाजार के कारोबार में गिरावट आ सकती है।>> शेयरों की खरीद-बिक्री पर वसूले जाने वाले कर में गिरावट से अरबों रुपए की राजस्व हानि हो सकती है। >> विदेशों में सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के शेयरों की कीमतें नीचे आ सकती हैं।>> भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कर्ज मिलने में दिक्कतें बढ़ सकती हैं। >> आयात और निर्यात की स्थिति पर प्रभाव पड़ सकता है।
शुक्रवार को बाजार कमजोर खुल सकते हैं, लेकिन देशभक्ति का जज्बा इन्हें अंत तक ठीक-ठाक स्थिति में पहुंचा सकता है।-अरुण केजरीवाल, रिसर्च एंड इनवेस्टमेंट सर्विसेज
बुधवार को मुंबई में हुए आतंकी हमले का असर अगले छह माह तक बाजार पर दिखेगा। एनआरआई द्वारा किया जाने वाला कारोबार भी प्रभावित होगा।
-वीरेन शाह, सचिव, एफआरटीडब्ल्यूए