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जयपुर. शहर की अधीनस्थ कोर्ट ने झालावाड़ में सड़क व नालियों के निर्माण पर दस्तावेजों में फेरबदल कर 40 करोड़ रुपए खर्च करने के मामले में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी और तीन अन्य अधिकारियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को जांच करने व उसकी रिपोर्ट तीन माह में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
परिवादी दिलीपसिंह के वकील पूनम चंद भंडारी ने बताया कि आरोपियों ने झालावाड़ में 40 करोड़ रुपए की राशि राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम 1967 का उल्लंघन करते हुए खर्च की है। अधिनियम के तहत यह राशि केवल गांव से मंडी को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण में, मार्केट, पार्क, बोर्ड के ऑफिस प्रबंधन एवं कृषि बाजार की उन्नतीकरण में खर्च की जानी थी, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर कृषि मंत्री ने सहायक अभियंता वी.के.गौड़, रमेश भटनागर, निदेशक व उप शासन सचिव मोती लाल गुप्ता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर झालावाड़ में निर्माण कार्य करवाया। आरोपियों ने आचार संहिता लागू होने के बाद मंडी समिति में अपने प्रत्याशी को चुनाव जिताने के लिए यह काम किया। सभी निर्माण कार्यों को पहले की तारीखों में दिखाने के लिए दस्तावेजों में फेरबदल भी किया।
परिवादी को 40 करोड़ रुपए खर्च करने की जानकारी सूचना का अधिकार कानून के तहत मिली। आरोपियों के खिलाफ जब दिलीप सिंह ने अशोक नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवानी चाही तो रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस पर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट में परिवादी के बयान होने के बाद आरोपियों के खिलाफ पुलिस को जांच के आदेश दिए।