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खूनी प्लेटफार्म से लौटकर

रायपुर. आतंकी हमले से करीब डेढ़ घंटे पहले मुंबई सीएसटी में वही आपाधापी और गहमागहमी थी, जैसी रोज होती है। रायपुर और आसपास के सैकड़ों लोगों को ट्रेन आने का इंतजार था। ट्रेन करीब 8.35 बजे रायपुर रवाना हुई और इसके डेढ़ घंटे बाद सीएसटी पर मौत का खेल शुरू हो गया। जिसने भी सुना, वह स्तब्ध रह गया। सबको लगा कि कुछ देर पहले तक जिंदगी और रफ्तार से भरपूर सीएसटी में आखिर क्या हो गया। दैनिक भास्कर ने हादसे के बाद मुंबई से लौटे लोगों के अनुभव शेयर किए।

मुंबई में वारदात से ठीक पहले छूटी हावड़ा मेल शाम 4.30 बजे रायपुर पहुंची। यह मुंबई से आज आनेवाली सबसे पहली ट्रेन थी। इस ट्रेन से शांतिलाल मुक्ता अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रायपुर लौटे। उन्होंने बताया कि वे इस बात की खुशी मना रहे हैं, क्योंकि उनका परिवार एक तरह से मौत के मुंह से बचकर लौटा। गुढ़ियारी के शरद तिवारी कंपनी से संबंधित काम के लिए मुंबई गए थे। वे भी मेल की एसी फस्र्ट बोगी से शाम को रायपुर पहुंचे।

उन्होंने कहा कि मुंबई में सबकुछ सामान्य था। ट्रेन छूटने के करीब डेढ़ घंटे बाद उन्हें रिश्तेदारों के फोन आने शुरू हो गए। तब उन्हें पता चला कि जिस सीएसटी स्टेशन से वे निकले हैं, वहां डेढ़ घंटे बाद मौत पहुंच गई।

काश..वहीं होते
टिकरापारा के राज ठाकुर और देवेश शर्मा ने को इस बात का मलाल है कि वे संकट में मुंबई छोड़ आए। ये दोनों ट्रेन के इंतजार में सीएसटी में करीब तीन घंटे बैठे रहे। उन्होंने सीधे कहा कि काश, मुंबई में होते तो लोगों की मदद कर पाते।

बाबा की कृपा
मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती गुरू गोदड़ीवाले बाबा को देखने गए राजधानी के अमर गिदवानी ने सलामती के लिए बाबा को धन्यवाद दिए। उन्होंने बताया कि मुंबई में रात तक सब कुछ सामान्य था। ट्रेन चली और कुछ देर बाद मित्रों के फोन आए तो होश उड़ गए।

मां से मिल लूं
बैरनबाजार के मो. फिरोज मुंबई में नौकरी करते हैं। उनके रवाना होने के बाद हमला हुआ तो घरवाले बेचैन हो गए। फिरोज ट्रेन से उतरे और भास्कर ने बात करनी चाही तो उन्होंने यही कहा..मां के दर्जनों काल आ चुके हैं। पहले उनसे मिलने दो।

सुरक्षा ठीक नहीं
रायपुर के एक मुसाफिर शरद ने बताया कि संभवत: आतंकियों में भीड़भाड़ की वजह से सीएसटी में होने वाली सुरक्षा चूक का फायदा उठा लिया। शहर के मुताबिक वे बुधवार की रात बैग लिए सीएसटी के सारे प्लेटफार्मो पर घूमते रहे लेकिन किसी ने पूछताछ नहीं की।





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