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बीकानेर. भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की पोलित ब्यूरो सदस्य व राज्यसभा सदस्य वृंदा करात ने विधानसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत प्रधानमंत्री से राजस्थान की मुख्यमंत्री निशाना साधकर की। बुधवार को श्रीडूंगरगढ़ प्रत्याशी गिरधारी महिया के समर्थन में सूडसर में आयोजित एक जनसभा में कॉ.करात ने चुनाव को आंदोलन बताया। कहा, राजस्थान में टिकट बेचने की खेती हो रही है लेकिन जिस मकसद से महाराजा गंगासिंह ने नहर बनवाकर शहर बसाए थे उन्हीं शहरों और आसपास के किसानों को महारानी (वसुंधराराजे) मिटाने पर तुली हैं।
करात ने कहा कि मूंगफली की खरीद नहीं हो रही है। किसान कर्ज में डूबा है। आठ लाख रुपए में एक टच्यूबवैल खोदा जाता है लेकिन किसानों को इसमें सब्सिडी नहीं मिल रही। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान संबंधी नीतियां पूंजीपति तय कर रहे हैं।
पीएम तक किसान पहुंच नहीं पा रहा और कर्जमाफी के नाम पर उन्हें ठगा जा रहा है। पानी, खाद से किसान परेशान, पेट्रोल-डीजल से कर्मचारी परेशान और गैस सिलेंडर, मिर्च,धनियां,हल्दी आदि की कीमतों से महिलाओं की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नीतियों का संघर्ष है। जब तक इसमें बदलाव नहीं होगा तब तक किसानों की हालत नहीं सुधरेगी। सभा को प्रत्याशी गिरधारी महिया, दुर्गा स्वामी, रामगोपाल बिश्नोई, बजरंग छींपा, सीमा जैन समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। गिरधारी महिया के समर्थन में उन्होंने मोमासर में भी जनसभा को संबोधित किया।
लालघराने का ‘राम’
वृंदा करात ने नारा देते हुए कहा कि ‘राजस्थान का एक ही राम, अमराराम-अमराराम’। उन्होंने कहा कि गिरधारी महिया भी उसी राम की सेना का हिस्स है।
निशाना
वृंदा करात ने प्रधानमंत्री, केन्द्रीय वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री पर जड़े आरोप। सीएम को महारानी और पीएम को महाराजा बताया। गिरधारी महिया को समाज को सिपाही बताया।
दुलार
वृदा करात ने आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं के दर्द को सहलाया। मंच छोड़ महिलाओं के बीच पहुंचकर घर-परिवार की कुशलक्षेम पूछी।