ों से सवाल पूछे और केन्द्र में भाजपा सरकार बनने पर किसानों को सस्ती दर पर कर्ज उपलब्ध करवाने की बात कही।
राज्य की वसुंधरा सरकार की उन्होंने खूब तारीफें की और गांवों को सड़कों से जोड़ने को किसानों की जेब में पैसा पहुंचाने वाला कदम बताया। तीन लाख लोगों को सरकारी और इतने ही युवाओं को दूसरे रोजगार दिलाने की बात कही वहीं बेरोजगारी भत्ता देने की योजना को भी सराहा। इससे इतर पिछली कांग्रेस की स्थितियों को उन्होंने बदतर बताया।
प्रदेश में हुई इस पहली सभा में उन्होंने साध्वी प्रज्ञा, रामसेतु जैसे मुद्दों पर बोलते हुए कांग्रेस पर उस हलफनामे के लिए निशाना साधा जिसमें राम के अस्तिžव पर संदेह व्यक्त किया गया था। साध्वी प्रज्ञा प्रकरण में वे बोले, अगर कोई दोषी है तो उसकी जांच की जानी चाहिए। हम जांच से मना नहीं करते मगर किसी को बदनाम और बेवजह प्रताड़ित करने की इजाजत कोई कानून नहीं देता। हिन्दू वोटरों का मन टटोलते हुए उन्होंने एक किस्से के माध्यम से कहा, जिस पार्टी ने राम को छोड़ दिया है उसका डूबना तय है।
आरएसएस के आईएसआई से संबंध होने की एक खबर पर उन्होंने कहा, यह इस शताब्दी का क्रूरतम और घटिया मजाक है। राजनाथसिंह की मौजूदगी में हुई इस सभा को नोखा के प्रत्याशी बिहारीलाल बिश्नोई ने भी संबोधित किया। बीकानेर पश्चिम के भाजपा प्रत्याशी गोपाल जोशी भी इस सभा में मौजूद थे जबकि अन्य कोई प्रत्याशी यहां नहीं पहुंचा।
कहने का मतलब है
राजनाथ ने लोगों से सवाल किया, कर्जा माफी योजना में किसी का भी कर्ज माफ हुआ हो तो बताएं। कुछ हाथ ‘नहीं’ के संकेत में हिले। इस पर वे बोले, केन्द्र में भाजपा की सरकार आई तो न केवल कर्जे माफ होंगे वरन् चार फीसदी ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध करवाए जाएंगे। मतलब यह है : कांग्रेस किसानों को कर्जमाफी योजना को चुनाव में भुनाना चाह रही है। राजनाथ बताना चाहते हैं जमीनी हकीकत और कर रहे हैं वास्तव में लाभ दिलाने का वादा।