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करनाल. मुम्बई के पांच सितारा होटलों में हुए आतंकी हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। बगैर रोक टोक के इतने विस्फोटकों के साथ होटलों में अंदर तक पहुंचे आतंकियों ने होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इस सबके बाद भी कर्ण नगरी होटलों में कुछ व्यवस्था नहीं है।
हालत है कि कभी भी कोई व्यक्ति शहर के होटलों में सिर्फ नाम लिखवाकर रुक सकता है और अपने मंसूबो को अंजाम दे सकता है। शहर में एक दर्जन के लगभग ऐसे होटल है। इनमें रूम बुक करवाने के लिए कोई मापदंड निश्चित नहीं किया गया है। सिर्फ अपना पता लिखवाते ही आपको मनचाहा रूम मिल जाता है।
यहां क्या होता है :
करनाल के होटलों में रूम बुक करवाने के लिए आपका पता रजिस्टर में नोट किया जाता है। किसी भी तरह आपकी कोई आईडी नहीं ली जाती। इस तरफ न तो प्रशासन और न ही होटल मालिकों का ध्यान है। इसके अलावा सीसी टीवी कैमरे आदि का भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। शहर के होटलों में आगजनी के घटनाओं से निपटने के लिए नाममात्र के ही आग बुझाने के सिलेंडर लगे हैं।
दिल्ली, चंडीगढ़ में यह है व्यवस्था दिल्ली व चंडीगढ़ के होटलों में यदि आप कोई रूम बुक करवाते हैं तो इसके लिए आपका अपने आईडी प्रूफ की फोटो स्टेट जमा करवानी होती है। इसके अतिरिक्त आपके हस्ताक्षर पक्के रजिस्टर में करवाए जाते हैं। होटलों के गेट से लेकर रिसेप्शन पर सीसी कैमरे लगे हुए है।
होटल में कमरा बुक करवाते समय बाकायदा आईडी प्रूफ की फोटोस्टेट ली जानी चाहिए। इसके लिए भी होटल मालिकों को निर्देश दिए जाएंगे। -एएस चावला,एसएसपी करनाल
मात्र आई कार्ड चैक करके ही शरारती तत्वों पर लगाम नहीं कसी जा सकती। हमारा काम लोगों को कमरे देना है, यदि चेकिंग में उलझ गए तो सारा समय इसी में लग जाएगा।
-कर्नल मनवीर चौधरी, सदस्य हरियाणा टूरिज्म