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सोनीपत . मुंबई में आतंकी हमले की जानकारी मिलते ही लोग टीवी से चिपक गए। यह गुरिल्ला जंग लोगों के दिलो-दिमाग पर छा गया है। इस हमले ने लोगों की धड़कनों को बढ़ा दिया है। बच्चे, युवा, बुजुर्ग और गृहणियां सभी की जवान पर एटीएस चीफ हेमंत करकरे, विजय सालस्कर की चर्चा है।
चर्चा है देश के बहादुर जवानों की कार्रवाई की, चर्चा देश की खुफिया एजेसियों की नाकामी की। चर्चा है दहशतगर्दी के खिलाफ ढुलमुल नीति की। सबका कहना था कि आखिर आतंकवाद का खूनी खेल कब तक चलता रहेगा। बाजारों में गरुवार से ही सन्नाटे का माहौल है। माडल टाउन निवासी रविशंकर अपने बच्चों को टीवी देखते टोकते हैं,‘जाओं बाहर जाकर खेलो..अच्छा चैनल ही बदल लो।’ दरअसल रविशंकर की चिंता है कि आतंकी हमले के दृश्य बच्चे को असुरक्षा भावना से भर देंगे।
सेक्टर-15 निवासी बुजुर्ग हरदयाल कहते हैं कि, ‘80 साल की उम्र में अब यही देखना बाकी था।’ हरदयाल टीवी को बंद करते हैं..कुछ देर बाद खोल लेते हैं। उनकी पत्नी चीख उठती है,‘इनको तो चैन नहीं पड़ता।’ पर हरदयाल का दुख कुछ और है।‘आखिर किस मिट्टी के बने हैं ये आतंकी? इतने लोगों की जान लेने के लिए जिगर कहां से लाते होंगे? कितने शक्तिशाली होंगे इनकी आत्मा में जहर घोलने वाले।’
फूटा गुस्सा, पुतला फूंका
मुंबई में आतंकी हमले के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटने लगा है। लोगों केदिल में छिपे गुस्से को भांप भारतीय घुमंतू-बेघर संघर्ष समिति व अखिल भारतीय विद्यार्थी छात्र संगठन ने अलग-अलग स्थानों पर आतंकवाद व केंद्र सरकार का पुतला फूंका। ताऊ देवीलाल चौक स्थित अंबेडकर पार्क में भारतीय घुमंतू-बेघर संघर्ष समिति के बैनर तले जमा लोगों ने समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेंद्र कौर के नेतृत्व में आतंकवाद का पुतला फूंका। उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मुंबई में हुए आतंकी हमले के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए गीता भवन चौक पर पुतला फूंका। विद्यार्थी परिषद ने अफजल गुरु को तत्काल फांसी देने की मांग करते हुए आतंकियों को उनकी कार्रवाई का जवाब देने की मांग की।