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नियुक्तियों में गड़बड़ी

भोपाल. एक ओर जहां प्रदेश में एड्स के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं राजधानी में स्थित मप्र की एड्स नियंत्रण सोसायटी (एमपीसेक) द्वारा हाल ही में की गई नियुक्तियों में अयोग्य उम्मीदवारों के चयन की बातें सामने आ रही हैं।

भारत शासन ने प्रदेश में एड्स नियंत्रण के लिए एमपीसेक को कई योजनाएं बनाकर भेजी हैं। इन योजनाओं के सफलतापूर्वक संचालन के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) ने एमपीसेक को उच्च गुणवत्ता वाले स्टाफ की भर्ती के निर्देश दिए। पिछले महीनों में यहां हुई नियुक्तियों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें तय योग्यता पूर्ण नहीं करने वाले उम्मीदवारों को भी नियुक्त किया गया है। साथ ही प्रतिनियुक्ति में कई लोगों को योग्यता से अधिक वेतनमान देने के मामले भी प्रकाश में आए हैं।

असिस्टेंट डायरेक्टर आईसीटीसी के पद पर नियुक्त उम्मीदवार के लिए विज्ञापन में स्नातकोत्तर के साथ ही तीन साल का अनुभव आवश्यक था। सूत्रों के मुताबिक नियुक्त उम्मीदवार वर्तमान में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहीं हैं। इसी दौरान किए गए कार्य का अनुभव दिया गया है, जो योग्यता के अनुरूप नहीं है। साथ ही प्रतिनियुक्ति पर लिए गए उम्मीदवारों को भी अधिक वेतनमान के लिए स्वीकृति दी जा रही है।

शिकायत के बाद बदला फैसला
अनियमितताओं की विभागीय शिकायतों के चलते तिलहन संघ के एक कंप्यूटर ऑपरेटर के नियुक्ति आदेश को निरस्त किया गया। इससे पहले सारे नियमों को ताक पर रखकर उन्हें अधिक वेतनमान के साथ सांख्यिकी अधिकारी के पद पर नियुक्ति के लिए नाको को भी अनुशंसा भेजी गई थी, लेकिन जब एमपीसेक में ही इस बात को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए और शिकायतें कीं, तब मामले को खत्म करने के आदेश निरस्त किए गए।

एड्स कंट्रोल के लिए आंख के डॉक्टर
एमपीसेक में पहले से ही एक नेत्र रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं, जिन्हें नाको द्वारा 2007 में ही हटाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन वे आज भी कार्यरत हैं। इस मामले में नाको की डायरेक्टर जनरल सुजाता राव ने 8 दिसंबर 2007 को तत्कालीन प्रमुख सचिव एमएम उपाध्याय को नेत्र रोग विशेषज्ञ के एड्स नियंत्रण सोसायटी में कार्य करने पर आपत्ति जताते हुए पत्र भी लिखा और उन्हें वहां से हटाने के निर्देश भी दिए।

परियोजना संचालक ओमेश मूंदड़ा से जब नियुक्तियों में हुई अनियमितताओं की बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह इन दिनों छुट्टी पर चल रहे हैं और इस बात के लिए डॉ. यूसी यादव से बात की जाए।





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