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इंदौर. चुनाव आयोग ने एसपी संजीव शमी को इंदौर का एसपी बनाकर इसलिए भेजा ताकि चुनाव में हिंसा न हो व पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष रहे। एसपी इस कसौटी पर खरे भी उतरे और लोगों के हीरो भी बने, लेकिन अब इंदौर की जनता उनसे उम्मीद लगा रही है कि वे इसी अंदाज में दिल दहला देने वाली वारदातों की जांच नतीजों तक पहुंचाए। ‘भास्कर’ ने आम जनता के मुद्दों को लेकर एसपी से बात की तो उन्होंने पूरी ताकत झोंक देने का आश्वासन दिया।
पिछले विधानसभा चुनाव में दंगे के बाद पुलिस को छत्रीपुरा क्षेत्र में कफ्यरू लगाना पड़ा था। इस बार तो चुनावी वर्ष के दो साल पहले से ही दंगे की आग भड़क गई थी। 18 जून 06 से शहर में शुरु हुईं सांप्रदायिक घटनाएं 4 जुलाई 08 तक चलीं। सांवेर में हुए दंगों को मिलाकर कुल 15 घटनाएं हुईं, जिनमें दस लोगों की जानें गईं। इस समीकरण को देखते हुए प्रदेश के खुफिया विभाग की रिपोर्ट थी कि चुनाव के दौरान दंगों के आसार हैं।
बेंगलुरू व अहमदाबाद धमाकों ने तो धड़कनें बढ़ा दीं, जिसके बाद लंबे अरसे तक शहर में हाई अलर्ट रहा। मतदान की तारीख के ठीक 33 दिन पहले चुनाव आयोग ने संजीव शमी को इंदौर का एसपी बनाकर चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी। एसपी ने 25 अक्टूबर को प्रभार लेते हुए कहा भी यही था कि चुनाव ही उनकी प्राथमिकता है। उनके आने के बाद ही बायपास पर बीस लाख की लूट और जीएसआईटीएस के छात्र की अपहरण के बाद हत्या हो गई।
चुनावी तैयारियों के चलते पुलिस मामलों को गंभीरता से लेने के बावजूद जुट नहीं पाई, इस कारण नतीजा नहीं निकला। बहरहाल एसपी की कार्यशैली ने शहर को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण निपट गई। लोगों की आशा है कि कप्तान ऐसी ही तत्परता वारदातों की जांच पूरी करवाने में दिखाएंगे।
ये मामले सुलझें तो कायम रहे साख
2 अप्रैल : आईसीआईसीआई बैंक की मालव परिसर शाखा से रुपए लेकर निकले अग्रवाल नगर निवासी सुरेश अग्रवाल के साथ राजकुमार ब्रिज पर 7.90 लाख की लूट हुई।
2 अगस्त : इसी बैंक शाखा से निकले एसके टैक्सटाइल में कम्प्यूटर ऑपरेटर नीलेश पिता लखन श्रीवास्तव (28) से फर्म के 1.05 लाख शांतिनिकेतन कॉलोनी में लूटे गए।
24 जुलाई : एचडीएफसी बैंक की ढक्कनवाला कुआं ब्रांच से 6.10 लाख रुपए लेकर निकले निजी कंपनी के अकाउंट मैनेजर सचिन राठौर को होटल क्राउन पैलेस कंचन बाग के सामने दो बाइक सवार चार बदमाश लूट ले गए थे।
21 अगस्त : लायंस क्लब के पदाधिकारी परविंदरसिंह के परिवार को बेहोश कर चोर 4.50 लाख का माल ले गए।
30 अगस्त : आईसीआईसीआई बैंक से निकले कॉटन ब्रोकर संजय पिता वल्लभ गुप्ता (29) को जावरा कंपाउंड में गोली मारकर बदमाश 6.80 लाख रुपए लूट ले गए।
3 सितंबर : इसी शाखा से रुपए लेकर निकले इंपोर्ट-एक्सपोर्ट व्यापारी अरविंद पिता रामचंद्र मोघे (45) से एक लाख रुपए यूनियन बैंक पलासिया के सामने लूटे गए।
11 सितंबर : पीथमपुर की गिरनार कंपनी में डीजीएम के वैशालीनगर स्थित फ्लैट में परिचित की मदद से घुसे लुटेरे परिवार को बंधक बनाकर 4.50 लाख लूट ले गए थे। पुलिस ने दस दिनों में पांच में से तीन आरोपी पकड़े, लेकिन अभी तक माल बरामद नहीं हुआ।
15 सितंबर : आईसीआईसीआई बैंक से रुपए लेकर निकले कैमको फैक्टरी कर्मचारी प्रदीप पालीवाल बैंक से 49.9 हजार रुपए मिर्ची झोंककर लूटे गए।
16 अक्टूबर : रिटायर्ड मेजर रशिकेश शुक्ला को घर से कुछ कदमों की दूरी पर बाइक सवार बदमाशों ने मार डाला।
16 अक्टूबर : जीएमटी टेली शॉपिंग के अकाउंटेंट दशरथसिंह के साथ एबी रोड, ओणम प्लाजा के सामने हुई डेढ़ लाख की लूट।
21 अक्टूबर : आईसीआईसीआई बैंक की शाखा से रुपए लेकर निकले प्रॉपर्टी ब्रोकर संदीप जैन के दो कर्मचारियों के साथ 1.66 लाख की लूट हुई थी।
4 नवंबर : पीथमपुर के फैक्टरी मालिक दिनेश शर्मा के साथ एचडीएफसी बैंक, ढक्कनवाला कुआं से देवास लौटते समय कनाड़िया बायपास पर बीस लाख की लूट हुई।
9 नवंबर : जीएसआईटीएस के छात्र विजय शर्मा का सनसनीखेज ढंग से अपहरण हुआ और अगले ही दिन लाश देवास में रेलवे पटरियों पर मिली।
11 नवंबर : निजी फर्म के मुनीम गोविंद गोयल से एमआर-9 पर बदमाश एक्टिवा के साथ 4 लाख रुपए लूट ले गया।
19 नवंबर : स्कीम नं. 54 स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंदौर से एक लाख रुपए लेकर निकले निजी कंपनी के अकाउंट्स कर्मचारी प्रमोद मिश्रा को बदमाश लूटने की कोशिश में 200 मीटर तक घसीट ले गए थे।
‘पूरी कोशिश रहेगी..’
आपकी पहली प्राथमिकता चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराने की थी। अब आगे क्या?
ठ्ठ जो काम बचे हैं उन्हें पूरा करूंगा।
शहर की जनता को आपसे उम्मीद है कि जितनी सख्ती से आपने मतदान करवाया, वही जुझारूपन लंबित अपराधों की जांच में भी दिखे?
ठ्ठ मेरे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है, मैंने वहीं काम किया जो एक अफसर को करना चाहिए। अपराधों के अनुसंधान में जल्द ही परिणाम देने की पूरी कोशिश है।
रिटायर्ड मेजर शुक्ला की हत्या में परिजन द्वारा आईजी के सामने साक्ष्य देने के बावजूद सफलता नहीं मिल पाई।
ठ्ठ पुलिस संदेह के आधार पर तो किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती। उस मामले की जांच चल रही है।
पीथमपुर की कंपनी के डीजीएम श्री सिंह की बेटी की शादी 12 दिसंबर को है, लेकिन तीन आरोपियों को पकड़ने के बावजूद लूटे गए माल में से पुलिस कुछ भी बरामद नहीं कर पाई?
ठ्ठ कुछ मामलों में ऐसा होता है कि आरोपी पकड़े जाए, लेकिन माल बरामद नहीं हो। मुझे मामले की पूरी जानकारी नहीं है। इसकी जांच करवाता हूं।
चुनावी तैयारियों के कारण लूट, हत्या और सभी संगीन मामलों की जांच लगभग बंद हो गई थी। अब आपसे आशा है कि सभी की तफ्तीश नतीजों तक पहुंचे।
ठ्ठ जांच बंद नहीं हुई थी। पुलिस पूरी ताकत से जुट गई है। हमारी भी कोशिश है मामले जल्द से जल्द सुलझ जाएं।