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इंदौर. विधानसभा चुनाव के लिए उपयोग में लाई गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) शुक्रवार को नेहरू स्टेडियम में बने स्ट्रांग रूम में सुबह 9 बजे सील कर दी गई। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। अब यह स्ट्रांग रूम मतगणना के दिन 8 दिसंबर को सुबह खोला जाएगा। तब तक स्ट्रांग रूम की कड़ी सुरक्षा की जाएगी। इससे पहले देर रात तक कर्मचारी-अधिकारी ईवीएम जमा करने के कार्य में लगे रहे जिसके लिए उन्हें काफी मशक्कत भी करना पड़ी।
स्टेडियम के आसपास के क्षेत्र में पूरी रात मतदान दलों के कारण रौनक रही। सुबह जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव ने स्ट्रांग रूम को सील करवाया। इसके बाद निर्वाचन कार्यालय से संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी सामान समेटने व रिपोर्ट तैयार करने में लग गए।
प्रेक्षकों ने भी अपनी रिपोर्ट बनाई है जो वे भारत निर्वाचन आयोग को भेजेंगे। जिला निर्वाचन कार्यालय में एक रिपोर्ट उन गैर जिम्मेदार अधिकारियों की भी बनाई जा रही है जो चुनावी कार्य में ड्यूटी लगने के बावजूद उपस्थित नहीं हुए थे। इससे पहले गुरुवार रात को नेहरू स्टेडियम में मतदान दल लौटा और उसने ईवीएम सहित मतदान सामग्री जमा कराई।
सामग्री लेने के बाद जमा कराने में भी दल के सदस्यों को काफी परेशानी उठाना पड़ी। स्थिति यह बनी कि रात 3 बजे तक सामग्री जमा होती रही। सामग्री जमा कराने के बाद पीठासीन अधिकारियों ने अपने-अपने जोनल अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद ही वे स्टेडियम से निकल सके। स्टेडियम में मतदान दल के सदस्यों के परिजन भी इकट्ठा हो गए थे जिन्हें काफी इंतजार करना पड़ा।
दो बूथों पर पुनर्मतदान रविवार को
इंदौर के दो बूथों पर पुनर्मतदान होना है जो रविवार को सुबह 8 से शाम 5 बजे तक होगा। विधानसभा क्षेत्र क्रं. एक के बूथ नंबर 32 और विधानसभा क्षेत्र चार के बूथ नंबर 33 पर पुनर्मतदान होना है। बूथ नंबर 32 पर वोटिंग मशीन का स्विच दिनभर मतदाता दबाते रहे किंतु वे रजिस्टर नहीं हो सके थे। वैसे, यहां के पीठासीन अधिकारी ने भी जिला निर्वाचन कार्यालय के समक्ष परेशानी खड़ी कर दी है। उनका कहना था मेरे दिल के वाल्व में छेद था जिससे मैंने ड्यूटी देने से मना किया था।