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इंदौर. मुंबई में आतंकी हमले के शिकार हुए 23 वर्षीय गौरव जैन के शव को शुक्रवार सुबह इंदौर लाया गया। वहां से करीब आठ बजे गौरव का शव उसके घर मनोरमागंज लेकर आया गया। शव पहुंचते ही मां कांता जैन बेटे से लिपटकर रो पड़ी।
वह कभी बात करती तो कभी उसे मनाती तो कभी उसे पुकारकर बेसुध सी हो जाती। गौरव के भाई-बहन का भी यही हाल था। पिता बालचंद्र जैन शून्य आंखों से बाहर कुर्सी पर बैठे थे। वे थोड़ी-थोड़ी देर में भीतर जाते और पलभर के लिए बेटे को देखकर चुपचाप बाहर आ जाते।
यह हृदय विदारक दृश्य देख हर किसी की आंखों में आंसू आ गए। यहां लोगों की आंखों में जितने आंसू थे उससे कहीं ज्यादा गुस्सा। गुस्सा आतंकवादियों के खिलाफ, उस नकारा तंत्र के खिलाफ जिसने गौरव जैसे सैकड़ों बच्चों को छीनकर उनके माता पिता को बेसहारा कर दिया। गौरव का अंतिम संस्कार तिलकनगर मुक्तिधाम पर किया गया। वहां मौजूद हर व्यक्ति ने गौरव को श्रद्धांजलि देते हुए हादसे में मारे गए सभी बेगुनाहों और शहीदों को भी शिद्दत से याद किया।