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जयपुर. चुनाव आयोग के निर्देश के बावजूद जिले में एक तिहाई लाइसेंसधारियों के ही हथियार थानों में जमा हुए हैं। जिले में 15 हजार से ज्यादा लाइसेंसशुदा हथियार है। इनमें से मात्र 5600 हथियार ही थाने में जमा हुए हैं।हथियार जमा नहीं होने से ऐसे में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग गया है।
जिला प्रशासन ने संबंधित थानों को लाइसेंसधारी व्यक्तियों को ढूंढ कर उनके हथियार लेने को कहा है, लेकिन कई लाइसेंसधारियों के रिकॉर्ड में दर्ज पते पर नहीं मिलने से पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रही है। साथ ही हथियार जमा नहीं करवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान नहीं होने से लोग जमा नहीं करवा रहे हैं। जिला कलेक्टर प्रवीण गुप्ता ने बताया कि जिन लोगों ने थाने में हथियार जमा नहीं करवाए हैं, उनके लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक (पूर्व) मोहनसिंह ने बताया कि हमारे क्षेत्र में लाइसेंसशुदा तथा निर्धारित दायरे में आने वाले हथियार जमा हो गए हैं।
टूट-फूट के डर से नहीं करवा रहे हैं जमा : अधिकांश लाइसेंसधारियों का कहना है कि थाने के मालखाने में जगह कम होने से हथियार बेतरतीब तरीके से रखे जाते हैं। जिससे उनमें टूट- फूट हो जाती है तथा बाद में हजारों रुपए उनकों सही करवाने में लग जाते हैं।
इन प्रत्याशियों ने जमा करवाएं हथियार : घनश्याम तिवाड़ी, माहिर आजाद व विक्रमसिंह ने अपनी 12 बोर की बंदूक, प्रतापसिंह खाचरियावास व राजपालसिंह शेखावत ने रिवाल्वर को संबंधित थाने में जमा करवाया है। दूसरी तरफ आमेर से भाजपा प्रत्याशी नवीन पिलानया ने अभी तक अपना हथियार जमा नहीं करवाया है। इन्हें हैं हथियार जमा नहीं करवाने की छूट : जिले के लाइसेंसधारियों में से वरिष्ठ नागरिको, सुरक्षा कार्य में लगे कर्मचारियों व अधिकारियों सहित अन्य वर्गो को छूट दी हुई है।