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अदालत परिसर में फिर पिटा सिपाही

रायपुर. आरोपी को पेशी पर लेकर आए आरक्षकों से गुरुवार दोपहर बाद कोर्ट परिसर में उसके परिजन भिड़ गए। आरक्षक विष्णु प्रसाद निषाद से उन्होंने जमकर मारपीट की। इस मामले में आरोपी चंदन के खिलाफ गली गलौज और मारपीट का प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक आरक्षक विष्णु और मनोज कंवर आरोपी चंदन को पेशी में कोर्ट लेकर आए थे। वहां आरोपी से मिलने उसके रिश्तेदार भी आए हुए थे। कोर्ट परिसर स्थित लाकअप के सामने परिजन आरोपी को कुछ सामान देने की कोशिश कर रहे थे। आरक्षकों ने उन्हें ऐसा करने से मना करने पर परिजन उनसे उलझ गए। गाली-गलौज और धक्का-मुक्की होने पर परिसर में हड़कंप मच गया। परिजनों के भारी पड़ने पर आरक्षक आरोपी को लेकर लाकअप के भीतर चले गए।

परिसर में हो हल्ला सुनकर वकीलों समेत वहां काफी भीड़ जमा हो गई। परिसर में उपस्थित कुछ और पुलिस वाले वहां पहुंच गए। उनके बीच बचाव करने पर बड़ी मुश्किल से मामला शांत हो पाया। परिजनों के चले जाने के बाद आरोपी की मौके पर जमकर धुनाई की गई।

गोलबाजार थाने में उसके खिलाफ धारा 294, 506, 323 के तहत जुर्म दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस उसके परिजनों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। गौरतलब है कि कोर्ट परिसर में महीनेभर पहले एक बदमाश ने सिपाही को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने के बाद भाग गया था। हमले के बाद हरकत में आई पुलिस ने घटना के चार-पांच दिनों बाद आरोपी को गिरफ्तार कर पाई थी।

पुलिस पर लगातार हमले
राजधानी में पिछले कुछ दिनों में कई दफे पब्लिक ने पुलिस के जवानों ने पीटकर खाकी वर्दी को शर्मसार कर दिया है। पुलिस के आला अफसर और विशेषज्ञ अब पब्लिक में पुलिस के प्रति अचानक ‘बगावत’ केपेंच ढूंढने में लगे हैं। जानकारों ने बताया कि अभी तक के आंकलन के बाद यही बात सामने आ रही है कि सिपाही और हवलदारों से ही पब्लिक सबसे ज्यादा खफा है। पब्लिक आमतौर पर उनसे ही भिड़ती है।

रविवार की रात शास्त्री चौक पर मोटरसाइकिल सवार एक सिपाही से ही उलझा था। गुस्से से आग बबूला युवक ने सिपाही की लाठी छिनकर ही उसे पीट दिया। इसके पहले 19 सितंबर को शास्त्री चौक पर ही तीन युवकों ने जवान को धुना था। सिपाही ने तीन सवारी मोटरसाइकिल पर सफर करते हुए उन्हें पकड़ा था। 10 अक्टूबर को भी शंकरनगर अशोका टावर के पास सिपाही को बेदम धुना गया था। 13 अक्टूबर को भी बिना नंबर की गाड़ी चला रहे युवकों ने जवान को पीट दिया। कुछ माह पूर्व 4 जून को एक आरक्षक की भाजपा नेताओं ने जयस्तंभ चौक पर धुनाई की थी।





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