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मुंबई. अंडरवल्र्ड डान दाऊद इब्राहिम के मुंबई स्थित एक गुर्गे ने लश्करे तैयबा के आतंकियों को महानगर में हमले के लिए हथियार उपलब्ध कराए थे। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मुंबई का हमला दाऊद और लश्कर की पहली संयुक्त वारदात के रूप में उभर रहा है। आतंकियों को मदद देने वाला दाऊद का गुर्गा संदिग्ध रूप से कोलाबा का एक व्यापारी है। मुंबई में गिरफ्तार आतंकी अजमल अमीन ने पूछताछ में बताया कि दर्जनों आतंकी कराची से समुद्र के रास्ते ससून डॉक तक आए थे।
यहां से ये लोग बोट्स में गेटवे ऑफ इंडिया तक पहुंचे। इन बोट्स का प्रबंध दाऊद के एक आदमी ने किया था। मुंबई पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापारी की तलाश में एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। सूत्रों ने बताया कि यह शख्स कस्टम क्लीयरेंस का कोई काम देखता है और दाऊद के लिए डीजल तस्करी का काम भी करता है।
दाऊद के मुंबई स्थित गैंग द्वारा प्रबंध की गई बोटों में आतंकियों के चढ़ने के बाद फटाफट विस्फोटकों, हथियारों और प्लास्टिक विस्फोटकों को बोटों में चढ़ा दिया गया। इसके बाद ये बोटें आतंकियों को गेटवे आफ इंडिया तक ले र्आई। गेटवे ऑफ इंडिया को आतंकी हमले के लिए ‘लांच पैड’ के रूप में चिन्हित किया गया था।
खुफिया एजेंसियों ने तटरक्षक बल को आगाह किया था कि कराची बंदरगाह से एक अज्ञात पाकिस्तानी ट्रालर (जहाज) चला है जो भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश कर सकता है। तटरक्षक एक ओर जहां इस जहाज की तलाश करते रहे वहीं आतंकियों ने गुजरात की मछली पकड़ने वाली एक नौका एमवी कुबेर पर कब्जा कर लिया। उन्होंने इसके चालक दल को मार दिया और फिर मुंबई के समुद्र में प्रवेश कर गए।
गिरफ्तार आतंकी ने यह भी खुलासा किया कि अगर आतंकी हमले में किस्मत उनका साथ देती तो उनकी योजना मुंबई से वापस कराची लौटने की भी थी। दाऊद के गुर्गे ने आतंकियों को ताज व ओबेराय होटलों और नरीमन हाउस की पूरी तस्वीर भी समझाई थी।