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भोपाल. माध्यमिक शिक्षा मंडल मार्च 09 में दसवीं और बारहवीं की परीक्षा कराने की तैयारी कर चुका है। स्कूल शिक्षा विभाग की एक अप्रैल 09 से शैक्षणिक सत्र शुरू करने की योजना है, इसलिए परीक्षा फरवरी में कराने का प्रयास चल रहा था। यह योजना स्कूलों में पाठ्यक्रम अधूरा रहने के कारण सफल नहीं हो सकी।
दसवीं और बारहवीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा तिथि पर छाये संशय के बादल सोमवार को छंट जाएंगे। एक दिसंबर (सोमवार) को मंडल कार्यालय में परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है, जो परीक्षा कार्यक्रम तय करेगी। परीक्षा कार्यक्रम तय करते हुए अप्रैल-मई में संभावित लोकसभा चुनाव और स्कूल शिक्षा विभाग के एक अप्रैल से शैक्षणिक सत्र शुरू करने के प्रयासों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। परीक्षा समिति की बैठक अब तक दो बार टल चुकी है। यह बैठक नवंबर के पहले सप्ताह में होनी थी, इसके बाद 15 नवंबर को बैठक बुलाई गई। इस बार चुनाव कार्यक्रम के चलते इसे टाल दिया गया था।अधिकारियों को समय नहीं मिला और बैठक टाल दी गई।
अब समिति की बैठक एक दिसंबर को आयोजित होना है। मंडल का प्रयास है कि वार्षिक परीक्षा मार्च माह में आयोजित हो, ताकि स्कूल शिक्षा विभाग को सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालयों के पैटर्न पर एक अप्रैल से शैक्षणिक सत्र शुरू करने में कठिनाई न हो।
दसवीं में बढ़े 50 हजार छात्र
दसवीं कक्षा की परीक्षा में 50 हजार परीक्षार्थी बढ़ गए हैं, जबकि बारहवीं में पिछले साल की अपेक्षा 25 हजार परीक्षार्थी कम हो गए हैं। इस साल दसवीं कक्षा में करीब 7.25 लाख और बारहवीं में करीब 3.60 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
अधूरा है कोर्स
सरकारी स्कूलों में अब भी दसवीं और बारहवीं का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो सका है। इसलिए फरवरी में परीक्षा कराने का सवाल ही नहीं उठता है। हालांकि लोकसभा चुनाव और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक अप्रैल से शैक्षणिक सत्र शुरू करने की कवायद के चलते मंडल को फरवरी में परीक्षा कराने की सलाह दी गई थी।