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जंगल में ढंके थे सौ साल

कोर्नवाल. इंग्लैंड के कोर्नवाल स्टेट में विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों वाले ऐसे घने जंगल के बारे में पता चला है, जिसे चाल्र्स फॉक्स नामक व्यक्ति ने शौकिया तौर पर लगाया था। इस जंगल को काफी खूबसूरती से लगाया गया है, इसमें दुनियाभर के अलग-अलग किस्म के पेड़ लगे हुए हैं। यहां चीन, कैनरी आईलैंड, पूर्वी एशिया और उत्तरी अमेरिका जैसे स्थानों पर पाए जाने वाले पेड़ हैं। ये ऐसा अद्भुत नजारा पेश करते हैं जो शायद किसी ने कहीं नहीं देखा होगा।

गार्डन जो जंगल बन गया
इस जंगल के बारे में कहा जा रहा है कि 19वीं सदी में इन पेड़ों को कोर्नवाल स्टेट के मालिक ने लगाया होगा। उन्होंने पूरी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से बीज और पौधे इकट्ठे किए होंगे। यह जंगल फाममाउथ से कुछ मील की दूरी पर है, जिसे इंटरनेशनल पोर्ट में तब्दील कर दिया गया।

ऐसा माना जा रहा है कि चाल्र्स फॉक्स ही वह व्यक्ति है। इनका परिवार शिपिंग बिजनेस से जुड़ा हुआ था। उनके बारे में कहा जाता है कि वे हॉर्टीकल्चर के काफी शौकीन थे और उन्होंने 26 एकड़ की जमीन पर गार्डन डिजाइन किया था। उसी गार्डन के अंदर उनका घर भी बना हुआ था। अब इस जमीन की जिम्मेदारी ट्रिबाह गार्डन ट्रस्ट पर है। रोजाना की तरह जब वे गार्डन की देखभाल कर रहे थे तो उन्हें इस जंगल के बारे में पता चला।

बच्चों का कल्पनालोक
ट्रिबाह गार्डन ट्रस्ट के मुख्य गार्डनर डैरेन डिक्की का कहना है कि जब वे गार्डन में कुछ डालियों की कटाई कर रहे थे तो उन्हें यह जंगल दिखाई पड़ा। उनका कहना है कि इससे पहले उन्होंने ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा था। वे पिछले 18 सालों से यहां काम कर रहे हैं लेकिन इस जंगल के बारे में उन्हें कुछ भी पता नहीं था। वे कहते हैं कि यह किसी बच्चे की काल्पनिक दुनिया से कम नहीं।

पेड़ों की कई प्रजातियां
यहां सभी पेड़ चाल्र्स फॉक्स द्वारा ही लगवाए गए थे। जंगल के अंदर कई ऐसे पेड़ पाए गए, जो अलग-अलग देशों से यहां लाकर लगाए गए थे। इनमें चाइनीज डिकहारोआ फेब्रिगुआ भी है, जो दुनिया के बड़े जंगलों में पाया जाता है। कैनरी आईलैंड पर पाए जाने वाले ताड़ के पेड़ भी यहां मिले और पूर्वी एशिया व उत्तरी अमेरिका में पाए जाने वाले हायड्रैन्जिया पेड़ भी पाए गए हैं।

यह जंगल स्टीप घाटी के किनारे फैला हुआ है, जो पॉन्टियम और राहोडोडेनड्रोन पेड़ों से घिरा हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि पहले तो उन्हें ताड़ के कुछ पत्ते दिख रहे थे और उन्हें लगा कि यहां केवल एक-दो पेड़ ही लगे होंगे। जब उन्होंने इलाके की सफाई करना शुरू किया तो उन्हें इसे पूरा करने में दो हफ्ते का वक्त लग गया। उसके बाद ही उन्हें पूरे जंगल को देखने का मौका मिला।





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