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मेंटल हॉस्पिटल में महिला को बेरहमी से पीटा

इंदौर. बाणगंगा स्थित मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती महिला के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों ने स्टाफ पर आरोप लगाते हुए अधीक्षक से शिकायत की है। इसकी सूचना मिलते ही एडीएम गोपाल डाड, एसडीएम एस.एल. प्रजापत भी मौके पर पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद उन्होंने भी माना कि महिला के साथ मारपीट हुई है।

इंदौर निवासी 48 वर्षीय सरस्वती रामभरोसे शर्मा (उपाध्याय) को 21 नवंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉ. मनोज साहू इस केस को देख रहे थे। महिला के बड़े बेटे जगदीश प्रसाद उपाध्याय का आरोप है कि उसकी मां की डंडे से पिटाई की गई है। जगदीश ने बताया एक महीने से मां अजीबो-गरीब बर्ताव कर रही थी।

इस कारण उन्हें अस्पताल इलाज के लिए लाए थे। कभी मौसी तो कभी मैं अस्पताल में उनके साथ रहते थे। छोटा भाई बद्रीप्रसाद शर्मा भी आ जाता था। 24 नवंबर को मैंने देखा कि मां के पैरो में डंडे के लाल निशान बन गए हैं। पैरों में सूजन भी आ गई थी। शनिवार को फिर मैंने चोट के निशान देखे और अधीक्षक डॉ. रामगुलाम राजदान को लिखित में शिकायत की। स्टाफ बोल रहा है उनके पति ने पिटाई की है जबकि मेरे पिताजी कभी अस्पताल आए ही नहीं। जगदीश का कहना है एक बार मां ने जांच करने आए डॉक्टर के ऊपर पानी या चाय ढोल दी थी।

इसके बाद स्टाफ के सदस्यों ने दवाई देने के लिए बहलाया-फुसलाया और बांधकर डंडे से पिटाई की। डॉक्टरों को भी इसकी जानकारी है। उधर, अधीक्षक ने मामले की सूचना बाणगंगा थाने में दी है। मामला गर्माने के बाद एसडीएम श्री प्रजापत और एडीएम श्री डाड भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने साक्ष्य देखे और महिला के परिजनों से बात की। वे भी मान रहे हैं कि महिला के साथ बुरी तरह से मारपीट हुई है।

जांच समिति बनाई
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की समिति बनाई गई है। समिति में डॉ. उज्ज्वल सरदेसाई, डॉ. पाली रस्तौगी, डॉ. अभय पालीवाल और मेट्रन को शामिल किया गया है। डॉक्टर रविवार को अधीक्षक को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।

जिम्मेदार पर कार्रवाई करेंगे
मामले को लेकर अधीक्षक डॉ. राजदान का कहना है मैंने महिला को देखा है उसके शरीर पर चोट के निशान हैं। परिजन ने लिखित में किसी का नाम नहीं लिखा है। महिला के साथ पिटाई की थाने में सूचना दे दी है।

मरीज बाहर पड़ा रहा
अधीक्षक और महिला के बेटों के बीच चल रहे विवाद के दौरान एक मरीज दो घंटे तक बाहर पड़ा रहा। उषा फाटक निवासी विक्षिप्त नवीन चिटोले पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। कागजी कार्रवाई में ही दो घंटे बीत गए।

पत्रकारों के साथ विवाद
घटना को कवर करने जब दैनिक भास्कर के संवाददाता हिमांशु जोशी और फोटोग्राफर प्रमोद जैन घटनास्थल पर पहुंचे तो अधीक्षक डॉ. राजदान ने उनके साथ र्दुव्‍यवहार किया। साथ ही पीड़ित महिला के साथ आए परिजन से भी बात कर घटना की जानकारी लेने का विरोध किया। डॉ. राजदान ने फोटोग्राफर का कैमरा भी छीन लिया। इसकी सूचना संवाददाता ने जिला प्रशासन और पुलिस को दी। बाद में पुलिस ने आकर मामला सुलझाया।





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