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इंदौर. कई लोग मानते हैं कि कैंसर का कारण सिर्फ तंबाकू नहीं, लेकिन वे ये नहीं जानते कि तंबाकू दिल, लंग्स और शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती है। तम्बाकू के सेवन से फर्टिलिटी कम होना, झुर्रियां आना आदि समस्या आम हो जाती है।
देखा जाए तो तंबाकू से गुजरने वाला हर रास्ता मौत का शॉर्टकट होता है। यह बात सेकसरिया हेलिस इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ, (मुंबई) के डायरेक्टर डॉ. प्रकाश गुप्ता ने कही। उन्होंने तंबाकू के कारण होने वाले नुकसान और इसकी लत छुड़वाने के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारी दी।
शनिवार को शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय स्टेट टोबेको कंट्रोल सेल व मध्यप्रदेश वॉलेंट्री हेल्थ एसोसिएशन (एमपीवीएचए) द्वारा सेमिनार आयोजित किया गया। इसका विषय तंबाकू नियंत्रण के उद्देश्य में दंत चिकित्सा एवं चिकित्सा व्यवसाय के दायित्व था। कार्यक्रम में डॉ. के.के. विजयवर्गीय (संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवा), सीएमएचओ डॉ. शरद पंडित, डॉ. मानसिंह परमार (विभागाध्यक्ष, मास कम्युनिकेशन, देअविवि) भी उपस्थित थे।
पेशेंट को करें मोटिवेट
डॉ. गुप्ता ने बताया तंबाकू छुड़वाने के लिए डॉक्टर्स की भूमिका काफी अहम हो सकती है। हॉस्पिटल में चेकअप के लिए आने वाले हर पेशेंट से यह जानना चाहिए कि क्या वह तंबाकू का सेवन करता है। अगर उसका जवाब नहीं हो तो उसे इसके लिए बधाई दें और अगर वह हां कहे तो उसकी प्रॉपर काउंसिलिंग करें। उसे तंबाकू के दुष्परिणाम बताते हुए उसे इमोशनली ट्रीटमेंट देकर इससे आजादी दिलाई जा सकती है। उन्हें यह समझाना होगा कि तम्बाकू के सेवन से न सिर्फ शारीरिक नुकसान होता है बल्कि आर्थिक व सामाजिक विकास भी प्रभावित होता है।