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मुंबई. आतंकियों की गोली से बचाव का कोई उपाय न होने के बावजूद अपनी ड्यूटी बखूबी निभाने वाले दमकल कर्मियों के लिए ताज व ओबेरॉय होटलों तथा नरीमन हाउस में तीन दिन दिल दहलाने वाले थे। मुख्य दमकल अधिकारी एवी सावंत ने बताया कि गुरुवार रात लोगों को बचाते समय हमने एक आतंकी को बंदूक लिए देखा। किस्मत से वह हमारी ओर नहीं मुड़ा। दरअसल आतंकी वहां बार-बार आग लगा रहे थे, इसलिए दमकल कर्मियों को कई बार बुलाया गया।
कमांडोज से लड़ते समय वे कमरों में आग लगाते रहे। अंदर जाने से पहले हम कमांडोज से आश्वासन लेते थे। फिर भी आग बुझाते समय गोलियों की आवाजों से काम में परेशानी जरूर होती थी। आग बुझाने के काम में जोखिम तो रहता ही है लेकिन यहां तो गोली लगने का खतरा भी मंडरा रहा था।’
एक दमकल कर्मी ने बताया कि गुरुवार को ही ताज की चौथी मंजिल पर काम करते समय दमकल कर्मियों ने पाया कि उनके साथ सुरक्षाकर्मियों नहीं है। एक कमांडो ने हमें बताया था कि चौथी मंजिल पर आग बुझाने के समय हमें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी लेकिन चौथी मंजिल पर पहुंचने पर हमें पता चला कि कमांडो हमारे साथ नहीं था। दूसरी मंजिल से गोलियां चलने की आवाजें आ रही थीं। दोनों तरफ से चल रही गोलियों से बचने के लिए हम सीढ़ियों से ही नीचे की ओर भागे और बाहर निकल गए।