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आतंकवाद पर भाजपा का दोहरा चरित्र: गहलोत

जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने कहा है कि भाजपा आतंकवाद पर राजनीति कर रही है। इस मसले पर उसका दोहरा चरित्र सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय बनाने और फैडरल जांच एजेंसी बनाने की जरूरत है। शनिवार को यहां पत्रकारों से गहलोत ने कहा कि एक ओर भाजपा नेता आतंकवाद पर कोई राजनीति नहीं करने की बात कहते हैं और दूसरी ओर नरेंद्र मोदी मुंबई जाते हैं।

गहलोत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वूमेन टुगेदर अवार्ड को यूएनओ का बताकर प्रचारित किया जबकि वह अवार्ड एक स्वयंसेवी संगठन का था। इस अवार्ड को लेकर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार एवं प्रदेश की जनता को गुमराह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश में 5 साल तक भूमाफिया की तरह काम करती रही। शराब की संस्कृति को बढ़ावा दिया। नर्मदा के पानी के नाम पर लोगों को छला गया, आज तक एक बूंद पानी नहीं आया। गहलोत ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस को बहुमत मिलेगा और पार्टी सरकार बनाएगी।

11 सूत्री आरोप-पत्र

अशोक गहलोत ने 11 सूत्री आरोप-पत्र जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं एवं राज्य के हित में जनता को इन सवालों के जवाब दें।
>> एक स्वयंसेवी संस्था के वूमन टुगेदर अवार्ड को यूएनओ का बताकर झूठ क्यों बोला?
>> भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मेघवाल के 5 हजार करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप का खंडन क्यों नहीं किया। अपने मंत्रियों की जासूसी व उनके फोन टेप कराने के आरोपों की चुप्पी क्यों साधे रही?
>> नॉलेज कॉरीडोर व आईटी कॉरीडोर के नाम पर किसानों में हड़कंप मचवाकर भूमाफियाओं ने सस्ती जमीनें खरीद ली और सत्ता के दलालों से सांठगांठ कर भारी लेन-देन किया।
>> कैबिनेट की बैठक बुलाए बिना महत्वपूर्ण फैसले लेती रही, जिनमें भ्रष्टाचार की बू आती है।
>> ललित मोदी कौन हैं?
>> प्रतापसिंह सिंघवी व अजयपालसिंह की जमीनें सरकार ने पहले किस आधार पर अवाप्त की और बाद में किस समझौते के तहत उन जमीनों को अवाप्ति से मुक्त कर दिया।
>> आम चर्चा है कि मुख्यमंत्री रहते हुए आपने लंदन में आलीशन मकान खरीदा है। क्या यह सही है?
>> दीनदयाल उपाध्याय ट्रस्ट के लिए जमीन आवंटन का मामला।
>> बॉर्डर की हजारों बीघा जमीन के अवैध बेचान की सीबीआई जांच क्यों नहीं करवाई?
>> मंत्री नरपतसिंह राजवी के विरोध के बावजूद डीएलएफ को सस्ती जमीन क्यों दी गई।
>> 500 गज से ज्यादा जमीन के व्यावसायिक रूपांतरण के अधिकार सरकार ने जेडीए से क्यों छीने? 90बी के सारे मामले जिलों से सचिवालय मंगाने के आदेश क्यों दिए गए?





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