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कोटा. पाकिस्तान की बात पर कोई भारतवासी भरोसा नहीं करता। पाकिस्तान जब तक दाऊद इब्राहिम को भारत के सुपुर्द नहीं करता, तब तक उससे कोई बातचीत नहीं की जानी चाहिए। यह कहना है भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का।
कोटा हवाई अड्डे पर शनिवार को शाम को आडवाणी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दाऊद इब्राहिम को भारत के सुपुर्द कर पाकिस्तान अपनी विश्वसनीयता साबित कर सकता है। पाक ने भारत के खिलाफ सीधे युद्ध करने की बजाय प्रॉक्सी वार छेड़ रखा है। इसकी शुरुआत 80 के दशक में पंजाब से हुई। इसके बाद यह देश के बाकी हिस्सों में फैलाने की कोशिश की गई। भारत में अब तीन बड़े आतंकी हमले हुए हैं। वर्ष 1993 में मुंबई में बम धमाके, संसद पर हमला और अब मुंबई में बड़ा हमला किया गया।
इस अवधि में कई अन्य आतंकी हमले भी हुए, जिनमें पाकिस्तान की भूमिका रही है। यह विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भी अपने बयान में कहा है। वर्ष 1993 के बम धमाकों के कई दोषी लोग पकड़े गए, लेकिन दाऊद नहीं पकड़ा गया। फरार घोषित अन्तरराष्ट्रीय अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए इंटरपोल ने विभिन्न देशों को सूचना दी। अमेरिका ने भी दाऊद को अन्तरराष्ट्रीय अपराधी घोषित कर रखा है। इसके बावजूद पाकिस्तान दाऊद से संबंध में इंकार करता रहा है। भारत सरकार से हम मांग कर रहे हैं कि दाऊद को सुपुर्द किए बिना पाकिस्तान से कोई बात नहीं की जानी चाहिए।
आडवाणी से पहले भी गुंजल : हवाई अड्डे पर एक बार फिर वही घटनाक्रम सामने आया, जो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की यात्रा के वक्त घटित हुआ था। शाम को काफी देर से आडवाणी के इंतजार में खड़े सुरक्षाकर्मी, एनएसजी के कमांडो, पत्रकार व भाजपा नेताओं ने जब देखा कि हैलीकॉप्टर उतरने वाला है तो सभी लॉबी से हवाई अड्डे की और दौड़ पड़े। हाथों में फूलमालाएं लिए कार्यकर्ता भी शामिल थे। हैलीकॉप्टर जब उतरा तो पता चला कि उसमें विधायक प्रहलाद गुंजल थे। पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कोटा यात्रा के दौरान हवाई अड्डे पर गहलोत के इंतजार में खड़े कांग्रेसी नेता व अधिकारी भी गुंजल का हैलीकॉप्टर उतरने पर भ्रमित हो गए थे।
हवाई अड्डे पर कोई प्रत्याशी नहीं : हवाई अड्डे पर आडवाणी की अगवानी के लिए भाजपा के प्रत्याशी नहीं पहुंचे। यहां पूर्व मंत्री हरिकुमार औदिच्य, न्यास के पूर्व चेयरमैन हरिकृष्ण जोशी, शहर अध्यक्ष मनमोहन जोशी, व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन समेत कार्यकर्ता उपस्थित थे।