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मुंबई. व्यवस्था से नाराज और भरोसा खो चुके ‘एंग्रीमैन’ की भूमिका को रुपहले परदे पर कुशलता से निभा चुके बॉलीवुड सुपर स्टार अमिताभ बच्चन अब वास्तविक जिंदगी में भी व्यवस्था से भरोसा खोते जा रहे हैं। मुंबई पर आतंकी हमले के बाद ‘बिग बी’ पहली बार अपना रिवाल्वर तकिये के नीचे रखकर सोए। इस बारे में स्पष्टीकरण देते हुए ‘बिग बी’ ने अपने ब्लॉग में लिखा कि व्यवस्था और शासन से पूरी तरह भरोसा खोने के कारण उन्होंने ऐसा किया था।
सुरक्षा खुद करने का हक : हिंदी फिल्म जगत के इस 66 वर्षीय ‘शहंशाह’ ने लिखा ‘भारत का नागरिक होने के नाते मेरी और देश के अन्य लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है। मेरे द्वारा रिवाल्वर बाहर निकालना व्यवस्था से पूरी तरह विश्वास खोने के प्रतीक के रूप में है। कुछ लोगों ने छींटाकशी करते हुए इसकी खिल्ली उड़ाई। मैं पूछना चाहता हूं कि मेरी स्थिति में यदि वे होते तो क्या करते।’
अमिताभ को इस बात का भी अफसोस है कि बौद्धिक माने जाने वाले मीडिया ने भी उनके कार्य को हास्यास्पद मानते हुए इसका मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा ‘मैं अपनी सुरक्षा अपने आकलन के मुताबिक करता हूं। लोगों की इस बात की जानकारी होने चाहिए कि मैं और मेरे जैसे दूसरे लोग लगभग हर रोज खतरों का सामना करते हैं।’
कुछ कर दिखाने का समय: अमिताभ ने कहा कि मोमबत्तियां जलाकर एकता प्रदर्शित करने जैसी बातों पर उनका ज्यादा यकीन नहीं है। यह समय ऐसे प्रदर्शन का नहीं है। उन्होंने कहा ‘मैं चाहता हूं कि देश के नेता मजबूती के साथ इस बात का आश्वासन दें कि क्या किया जाना चाहिए और इसे करके दिखाएं। यह समय देश के हर व्यक्ति के लिए अनुशासित तरीके से रहने और व्यवहार करने का है।’
आंखों में गुस्सा और दर्द : लता मंगेशकर के मशहूर गीत ‘ए मेरे वतन के लोगो’ का जिक्र करते हुए अमिताभ ने कहा कि इस गीत को सुनकर पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आंखों में भी आंसू आ गए थे। मैं उम्मीद करता हूं कि यह गीत आज गुस्से और देश के निर्दोष लोगों का खून बहने के दर्द में मेरी आंखों को लाल रखेगा।’