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मुंबई. महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने अपना इस्तीफा सोनिया गांधी को भेज दिया है। उन्होंने आज एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा है कि अब जैसा हाईकमान का आदेश होगा वे वैसा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उनके तरफ से कोई रुकावट नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने आर आर पाटिल के इस्तीफे की पुष्टि करते हुए बताया है कि उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है ।
आज प्रेस से बात करते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के लिए सरकार की आगे की योजनाओं की भी चर्चा की है जिसमें समुद्र में गस्म के लिए स्पीड बोट की व्यवस्था करने , बहादुरों के लिए नए बहादुरी पुरस्कार देने की भी व्यवस्था की जाएगी।
भाजपा पर भड़के
उन्होंने कहा है कि उन्होंने अपना इस्तीफा भेज दिया है और यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी। उन्होंने भाजपा पर आरोप जड़ते हुए कहा है कि जो विपक्षी दल उनके इस्तीफे की बात कर रहे है क्या उन्होंने ऐसा कोई उदाहारण कभी दिया है। भाजपा के शासन काल में भी कई आतंकी घटनाएं हुई थी लेकिन एक भी नेता ने ऐसा नहीं किया था। एकमात्र कांग्रेस पार्टी ही वह पार्टी है जो अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए ऐसा कर रही है।
बेटों का साथ जाना गलत नहीं
उन्होंने कहा कि जहां तक उनके पुत्र के उनके साथ जाने की बात है तो वे इसमें कुछ भी गलत नहीं मानते है वो उत्सुकता के कारण साथ में गया था।
खामियाजा भुगत चुके हैं विलासराव : रितेश को प्रमोट करने के चक्कर में मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख पहले भी फंस चुके हैं। रितेश की पहली फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ की रिलीज के वक्त भी विलासराव ने बेटे और फिल्म को प्रमोट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। विवादों में घिरने पर इसके कुछ ही दिनों बाद मकर संक्रांति पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
मैं विलासराव को नहीं जानता हूं : रामगोपाल वर्मा
उधर रविवार देर रात रामगोपाल वर्मा ने सफाई दी कि मुझे किसी ने मौके पर जाने के लिए आमंत्रित नहीं किया था। मैं और रितेश एक साथ गाड़ी में थे। उससे दोस्ती के कारण मैं इत्तेफाकन होटल पहुंच गया। मैं विलासराव को नहीं जानता हूं। इस पूरे घटनाक्रम पर कोई फिल्म बनाने का भी इरादा नहीं है।