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मंदी से करोड़ों का घाटा

जालंधर.पंजाब के इंजीनियरिंग उद्योग भी वैश्विक मंदी की चपेट में आ गए हैं। मंदी के कारण विकास दर में आई गिरावट से इन उद्योगों को करोड़ों की चपत लगी है। पहले मिले ऑर्डर रद्द हो रहे हैं और नए ऑर्डर मिलने में मुश्किलें पेश आ रही हैं। पंजाब में लुधियाना, जालंधर और चंडीगढ़ की साइकिल इंडस्ट्री, हैंडटूल, इंजन, ऑटो पार्ट्स, ट्रैक्टर पार्ट्स और शीट मेटल कंपोनेंट्स मैन्यूफेक्चर्स आदि में चालू वित्त वर्ष के पिछले पांच महीनों से गिरावट दर्ज की जा रही है।

साइकिल इंडस्ट्री:

मंदी की सबसे ज्यादा मार साइकिल इंडस्ट्री पर पड़ रही है। चालू वित्त वर्ष में पिछले साल के मुकाबले निर्यात में करीब 25 फीसदी और घरेलू कारोबार में 35 फीसदी की गिरावट का अनुमान है। इस हिसाब से चालू वित्त वर्ष में अकेली साइकिल इंडस्ट्री को ही घरेलू कारोबार में 2100 करोड़ रुपए और निर्यात में 200 करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका है। बीते वित्त वर्ष में इस इंडस्ट्री का घरेलू कारोबार छह हजार करोड़ और निर्यात करीब 800 करोड़ रुपए का था।

हैंड टूल इंडस्ट्री :

हैंड टूल इंडस्ट्री को इस साल करीब 100 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। जालंधर से हैंड टूल इंडस्ट्री का निर्यात पिछले साल 800 करोड़ रुपए का था और इस साल इसमें 15 फीसदी की गिरावट का अनुमान है। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल के असिस्टेंट डायरेक्टर उपिंद्र सिंह का कहना है कि साइकिल और हैंड टूल इंडस्ट्री की तरह ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री की ग्रोथ में भी आठ फीसदी की गिरावट आ सकती है। ट्रैक्टर कंपनियां, शीट मेटल कंपोनेट्स और सेनेटरी से संबंधित इंडस्ट्री की ग्रोथ भी प्रभावित हुई है। सिंह के अनुसार, पंजाब के उद्योग पांच महीने से मंदी की चपेट में हैं और भविष्य में इसमें वृद्धि हो सकती है। अमेरिका के बाद यूरोपियन देशों के भी मंदी की चपेट में आने का असर भी पंजाब पर पड़ेगा क्योंकि यहां से ज्यादातर निर्यात अमेरिकन व यूरोपियन देशों को ही होता है।

सरकार दे मदद:

यूनाइटेड फोरम ऑफ साइकिल एंड साइकिल पार्ट्स के प्रधान चरणजीत सिंह विश्वकर्मा का कहना है कि इंडस्ट्री को हो रहे नुकसान को देखते हुए उन्होंने वित्तमंत्री से मिलकर आर्थिक पैकेज और स्टील रेगूलेटरी कमीशन स्थापित करने की मांग की थी। स्टील के दाम स्थिर न होने के कारण भी इंडस्ट्री को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। जालंधर के हैंड टूल निर्यातक अशोक लक्की का कहना है कि मंदी के कारण उनके विदेशी ग्राहक पहले दिए ऑर्डर रद्द कर रहे हैं और नए ऑर्डर भी नहीं मिल रहे। सरकार को इंडस्ट्री को बचाने के लिए आर्थिक पैकेज देना चाहिए।





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