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चंडीगढ़. जालंधर और होशियारपुर जिलों में 11 साल तक की ऐसी लड़कियों को हर माह छह किलो गेहूं दिया जाएगा, जिनका वजन 35 किलो से कम है। केंद्र ने अपनी नई योजना के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इन जिलों का चयन किया है। योजना सफल होने पर इसे अन्य जिलो में भी लागू किया जाएगा।
‘न्यूट्रिशियन प्रोग्राम फॉर अडोल्सन गल्र्ज स्कीम’ नामक यह योजना केवल बीपीएल परिवारों के लिए है लेकिन इसमें लड़कियों की संख्या तय नहीं की गई। मसलन यदि किसी परिवार में दो या इससे ज्यादा लड़कियां हैं तो उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। अधिकतम 19 साल की लड़कियों को ही इस स्कीम के तहत गेहूं मिलेगा। इन लड़कियों को आंगनबाड़ी केंद्रों में घरेलू काम भी सिखाए जाएंगे। योजना के लिए इस साल 151 लाख रुपए रखे गए हैं।