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जयपुर. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहन प्रकाश ने कहा है कि भाजपा ने अगर राजस्थान में आतंकवाद को मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की तो उसे मुंह की खानी पड़ेगी। कांग्रेस मुख्यालय में यहां रविवार को संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार की ओर से दी गई राशि का पूरा उपयोग नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आतंकवाद पर इतनी ही चिंतित हैं तो राजस्थान में एटीएस का पूरा गठन क्यों नहीं किया गया?
जयपुर एवं अजमेर बम विस्फोटों के आरोपी क्यों नहीं पकड़े गए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की हर घटना के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी दोहराते हैं कि हमें इसकी जानकारी थी, फिर मोदीजी ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह व नरेंद्र मोदी की अवसरवादिता का नमूना पूरा देश देख रहा है।
ये भाजपा नेता पहले एटीएस मुखिया हेमंत करकरे को बेईमान बता रहे थे, नारको टेस्ट की बात कह रहे थे, लेकिन अब उनकी शहादत की बात कह रहे हैं।
पाटिल का इस्तीफा सही कदम :
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल के इस्तीफे को सही समय पर उठाया गया सही कदम बताया है। चुनाव से इसका कोई संबंध नहीं है।
रिकॉर्ड तबादले :
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 5 साल में सवा चार लाख कर्मचारियों के रिकॉर्ड तबादले किए। इनमें टीए-डीए के रूप में 60 करोड़ रुपए सरकारी कोष से निकल गया। तबादलों के नाम पर भाजपा नेताओं एवं मंत्रियों ने कई सौ करोड़ रुपए एकत्र किए।
छठे वेतन आयोग की जरूरत नहीं :
उन्होंने कहा कि 27 जुलाई, 06 को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की जरूरत नहीं है। इससे कर्मचारियों के प्रति भाजपा सरकार की नीयत उजागर हो जाती है।