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International International वॉशिंगटन. अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान को मुंबई हमलों की जांच में पूरी शिद्दत के साथ और पारदर्शी तरीके से मदद करनी चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय नेताओं से चर्चा के लिए विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस को भारत जाने का निर्देश दिया है। राइस बुधवार को नई दिल्ली पहुंचेंगी। व्हाइट हाउस ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि मुंबई हमलों की जांच की दिशा जिस ओर भी इशारा करे, पाकिस्तान को उसका अनुसरण करना चाहिए।
हम आपके साथ हैं :
बयान में कहा गया है कि कोंडोलीजा राइस की भारत यात्रा यह दर्शाता है कि अमेरिका मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकियों को पकड़ने के काम में भारतीय जनता के साथ है।
पाक पर दबाव बढ़ा :
राइस ने लंदन में संवाददाताओं से कहा कि हमलों के पीछे किसका हाथ है, इस सवाल पर फिलहाल वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहतीं। लेकिन इस बात का खुलासा करने में पाकिस्तान से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की जाती है। राइस के इस बयान से पाकिस्तान पर आईएसआई प्रमुख शुजा पाशा को भारत भेजने का दबाव बढ़ गया है।
भारतीय प्रधानमंत्री के आग्रह पर पाकिस्तान में उनके समकक्ष यूसुफ रजा गिलानी ने इस मामले में अपनी सहमति जताई थी। बाद में विपक्षी दलों के विरोध के चलते पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शुजा की जगह आईएसआई के निदेशक स्तर के अधिकारी को भेजने की बात कही थी।
बुश ने मनमोहन से बात की :
अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने सोमवार को मनमोहन सिंह को आश्वस्त किया है कि मुंबई हमलों की जांच में अमेरिकी एजेंसियां अपनी पूरी ताकत झोंक देंगी। हमलों के बाद बुश ने मनमोहन से दूसरी बार टेलीफोन पर संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि हमलों के पीछे जिम्मेदार लोगों को सामने लाने के काम में अमेरिका भारत के साथ है। गौरतलब है कि मुंबई हमलों में अमेरिका के छह नागरिकों की मौत हो गई थी।