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मुंबई. विश्व बाजारों से कमजोर संकेतों के चलते सोमवार को दोपहर बाद भारतीय शेयर बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार शुरुआत में ऊपर खुले थे। एनएसई के निफ्टी ने 2800 का स्तर भी पार किया। दोपहर में यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में बिकवाली की खबरों के बाद भारतीय शेयर बाजार भी बिकवाली के दबाव में आ गए।
बीएसई सेंसेक्स ऊंचे में 9326.68 तक जाकर करीब 487 अंक नीचे 8839.87 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी ऊंचे में 2832.85 तक जाने के बाद 150 अंक नीचे आकर 2682.90 पर बंद हुआ।
मिडकेप और स्मालकेप शेयरों में भी बिकवाली देखी गई। रिअल इस्टेट, ऑटो, बैंकिग, पावर, केपिटल गुड्स, एफएमसीजी, फार्मा और ऑयल क्षेत्र के शेयरों में ज्यादा गिरावट देखी गई।
रिअल इस्टेट में रही सबसे ज्यादा गिरावट
रिअल्टी इंडेक्स में 5.34 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। डीएलएफ लगभग 10 फीसदी गिरा। अन्य कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली रही। यूनीटेक में 3.67 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।
कम बिक्री आंकड़ों से टूटे आटो क्षेत्र के शेयर
नवंबर में बिक्री के कम आंकड़ों से आटो कंपनियों के शेयर पूरे कारोबारी सत्र के दौरान दबाव में रहे। मारुति में 9.4 फीसदी गिरावट रही।
अलग अलग सेक्टरवार इंडेक्स में गिरावट
सेक्टर फीसदी
रिअल्टी 5.4
ऑटो 4.6
बैंकिंग 4.0
केपिटल गुड्स 3.8
वर्ष 2008 का दूसरा सबसे कम कारोबार का दिन :
दिसंबर माह के पहले कारोबारी दिन बहुत कम कामकाज हुआ। वर्ष 2008 में यह दूसरा सबसे कम कारोबार का दिन रहा।
कुल कारोबार 43459.05 करोड़
हाजर 11303.61 करोड़
डेरिवेटिव 32155.44 करोड़
विदेशी बाजारों का मिलाजुला रुख
अमेरिकी और यूरोपीय शेयर बाजार तेज गिरावट के साथ खुले। डाव जोंस फ्यूचर्स 1.66 फीसदी और नास्डेक फ्यूचर्स 1.8 फीसदी तक नीचे चले गए।
इसके पूर्व एशियाई शेयर बाजारों में शंघाई, हेंगसेंग और ताइवान के शेयर बाजार ऊपर रहे। लेकिन जापान का निक्केइ, कोस्पी, स्ट्रेट्स टाइम्स, जकार्ता के बाजार 1.35 से 2.44 फीसदी तक गिर गए।
‘बाजार अक्टूबर के निचले स्तरों से 20 फीसदी तक सुधरे हैं लेकिन मंदी की धारणा बनी हुई है। निफ्टी के 2900 से 3000 के स्तरों से ऊपर जाने की संभावना कम है।’
-अश्विनी गुजराल, टेक्निकल एनलिस्ट