|
नई दिल्ली.
भारत ने मुंबई में हुए आतंकी हमलों के संदर्भ में अपना रुख और कड़ा करते हुए पाकिस्तान के उच्चयुक्त शाहिद मलिक को तलब कर उनके समक्ष इस मसले पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। सूत्रों के मुताबिक भारत ने उन्हें इस हमले में पाकिस्तानी संगठनों की भूमिका होने के सबूत दिखाए और अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम व प्रमुख आतंकी अजहर मसूद को भारत को सौंपने की मांग की।
भारत ने इसके साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि उसकी मांग नहीं मानी जाती है तो इसका असर दोनों देशों के संबंधों पर भी पड़ सकता है। भारत के पास पुख्ता सबूत हैं कि आतंकवादी हमलों में पाकिस्तानी संगठनों का हाथ था और उन्हें दाऊद का समर्थन हासिल था।
पाकिस्तानी थे आतंकी:
बीएसएफ- उधर सीमा सुरक्षा बल के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मुंबई में कत्लेआम मचाने वाले आतंकी पाकिस्तान से आए थे। बीएसएफ के महानिदेशक एमएल कुमावत ने कहा कि सरकार के पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं।
बीएसएफ का कार्यभार संभालने से पहले गृहमंत्रालय में आंतरिक सुरक्षा के विशेष सचिव रहे कुमावत ने भारत-पाक सीमा पर पाकिस्तानी बलों के जमावड़े पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। ते हुए कहा कि उन्होंने बीएसएफ जो इसी सीमा पर तैनात है, किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।