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नई दिल्लीकेंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल का इस्तीफा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की तय विदाई के बाद भी कांग्रेस में संगठन और सरकार के स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया थमने वाली नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यसमिति की बैठक में दिया गया संदेश पार्टी की ओर से सोमवार को जिस तरह से पढ़कर सुनाया गया, उसे कांग्रेस के बड़े नेता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए नसीहत बता रहे हैं।
सोनिया गांधी ने दो टूक संदेश प्रधानमंत्री की मौजूदगी में दिया था। रविवार को सर्वदलीय बैठक में यूपीए के घटक दलों के निशाने पर भी सीधे प्रधानमंत्री थे। कुछ वरिष्ठ नेता कह रहे हैं कि लोस चुनाव में पार्टी कमजोर नेतृत्व का चेहरा लेकर नहीं जाना चाहती। लिहाजा खुद मनमोहन सिंह का नेतृत्व भी कसौटी पर है। सरकार को सख्त फैसले लेने वाले नेतृत्व की छवि बनाने की हिदायत दी गई है।