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अमृतसर सेना में भर्ती के दौरान खासा आर्मी ग्राउंड में सोमवार सुबह मची भगदड़ में दो युवकों की मौत हो गई और 25 घायल हो गए। 35 पदों पर भर्ती के लिए करीब 25 हजार युवकों के पहुंचने के कारण यह भगदड़ हुई। मृतकों के परिजनों ने सेना पर सही प्रबंध नहीं करने का आरोप लगाया है। कलेक्टर केएस पन्नू ने मृतकों के परिजनों को ढाई लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के लिए पंजाब सरकार से सिफारिश करते हुए मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
भर्ती के लिए युवक रविवार रात से ही आर्मी ग्राउंड के गेट पर जमा होने शुरू हो गए थे। सुबह पांच बजे जैसे ही जवानों ने गेट खोला, अंदर घुसने के लिए युवकों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान कई युवक गेट के पास स्थित गड्ढे में जा गिरे और भीड़ उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गई। करीब सवा घंटे बाद भगदड़ शांत हुई तो रणजोध सिंह (19) और हरजिंदर (19) बेहोश हो चुके थे। उन्हें फौरन आर्मी अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रणजोत विधवा मां का इकलौता बेटा था।
उचित प्रबंध नहीं थे : मृतक रणजोत के चाचा लखबीर सिंह भी सेना में रह चुके हैं। उनका आरोप है कि भर्ती स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं थे। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आए युवकों के ठहरने व अंदर जाने की उचित व्यवस्था नहीं की गई थी। रोशनी का उचित प्रबंध न होने से भी भगदड़ मची। रात भर ठंड में ठिठुरने के कारण बेहाल युवकों ने जल्दबाजी में अंदर घुसने का प्रयास किया।
- पुलिस सुरक्षा प्रबंधों में भारी कमी के कारण हादसा हुआ है। ग्राउंड के बाहर रोशनी का पूरा प्रबंध था, लेकिन भीड़ ने बिजली के खंभे तोड़ दिए, जिससे आपूर्ति ठप हो गई और क्षेत्र अंधेरे में डूब गया।
-कर्नल केके कर्ण, एआरओ, सैन्य भर्ती सेल
- पुलिस ने रात में ही पूरे प्रबंध कर लिए थे। लापरवाही सेना की है, उसे भर्ती से पहले गेट पर रोशनी का प्रबंध करना चाहिए था।
-कृपाल सिंह, डीएसपी, पंजाब पुलिस