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भोपाल. कोलार स्थित फिल्ट्रेशन प्लांट पर गुरुवार को बिजली व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की वजह से गुरुवार व शुक्रवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं होगी। इससे शहर का लगभग आधा हिस्सा प्रभावित होगा। प्रभावित लोगों को तीन दिन बाद पानी मिलेगा।
वर्तमान में शहर की 95 प्रतिशत आबादी की पेयजलापूर्ति कोलार डेम पर आधारित है। यहां तीन पंपों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। कोलार डेम स्थित प्लांट को बिजली की आपूर्ति दो फीडर से की जाती है, जिसमें से एक मंडीदीप व दूसरा एमएनआईटी के पास स्थापित है। इनसे विद्युत आपूर्ति बंद होने पर पंप बंद हो जाते हैं और उन्हें दोबारा चालू करने में आधे घंटे का समय लगता है। इससे पानी की आपूर्ति कम से कम आधे घंटे के लिए ठप हो जाती है।
इस परेशानी से निजात पाने के लिए शुक्रवार को वहां विद्युत विभाग एबी स्विच लगा रहा है। इससे एक फीडर की लाइट बंद होने पर कम से कम एक पंप चालू रहेगा और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप नहीं होगी। लगातार चलने वाले तीनों पंपों में से एक को मंडीदीप फीडर से तथा शेष दो को एमएनआईटी फीडर से चलाया जाएगा।
एबी स्विच लगाने का काम गुरुवार को पानी की आपूर्ति करने के बाद सुबह साढ़े नौ से शाम साढ़े पांच बजे तक चलेगा। इस दौरान बिजली आपूर्ति बंद रहेगी, जिससे नए व पुराने शहर के कई इलाकों में पानी नहीं पहुंचेगा। इन लोगों को फिर दो दिन बाद ही पानी मिल सकेगा।
कई इलाकों में नहीं आ रहा है पानी
एक दिन छोड़ कर की जा रही पानी की आपूर्ति के दौरान नगर निगम भले ही शहर में पानी की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने का दावा करे, परंतु शहर के कुछ इलाके अब भी ऐसे हैं जहां पानी नहीं पहुंच रहा है। इनमें बागमुगलिया एक्सटेंशन और अशोका गार्डन के कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां पानी नहीं पहुंच रहा है। यहां के निवासियों को उन लोगों के घरों से पानी लाना पड़ रहा है जिनके घर नलकूप हैं। यहां के निवासी निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, परंतु अब तक पानी आपूर्ति की व्यवस्था नहीं सुधरी है।
लीकेज से भी हो रही है पानी की बरबादी
नगर निगम की पानी की पाइप लाइन में लीकेज होने की वजह से भी पानी की बरबादी हो रही है। अधिकतर झुग्गी बस्तियों में से निकलने वाली पाइप लाइनों में लीकेज हैं और इनसे पानी बर्बाद हो रहा है। इन लीकेज की जानकारी निगम को भी नहीं है। श्यामला हिल्स के समीप स्थित झुग्गी के निवासियों ने पानी आपूर्ति की मुख्य लाइन में छेद कर उसमें पाइप का एक टुकड़ा लगा लिया है जिससे पानी की बरबादी हो रही है।